ईरान पर हमले से दो फाड़ हुआ अमेरिका, ट्रंप से कितनी नाराज है जनता? सर्वे में बड़े खुलासे

Mar 04, 2026 11:31 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन डीसी
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एक ताजा सर्वे के अनुसार, ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) को लेकर अमेरिकी मतदाता दो हिस्सों में बंटे हुए हैं। जानें ट्रंप की नीतियों, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक मतभेदों पर अमेरिकी जनता की पूरी राय।

ईरान पर हमले से दो फाड़ हुआ अमेरिका, ट्रंप से कितनी नाराज है जनता? सर्वे में बड़े खुलासे

ईरान के खिलाफ वर्तमान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी मतदाता स्पष्ट रूप से दो हिस्सों में बंटे हुए हैं। हालांकि, सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि एक बड़ा बहुमत अभी भी ईरान को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा मानता है। 61% पंजीकृत मतदाताओं का मानना है कि ईरान अमेरिका के लिए एक वास्तविक राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा है। 2006 से अब तक के फॉक्स न्यूज के सर्वेक्षणों में यह आंकड़ा लगभग इसी स्तर पर रहा है। फॉक्स न्यूज के एक हालिया राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले साल जून में जब ईरानी परमाणु ठिकानों के खिलाफ 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' चलाया गया था, तब यह चिंता बढ़कर 73% हो गई थी।

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' पर जनमत और पार्टी के आधार पर विभाजन

इजरायल के साथ संयुक्त रूप से शुरू किए गए मौजूदा अमेरिकी हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) को लेकर जनता की राय बिल्कुल आधी-आधी बंटी हुई है। 50% मतदाता इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं, जबकि 50% इसका विरोध करते हैं। पार्टी के आधार पर यह विभाजन काफी गहरा है।

रिपब्लिकन: ट्रंप की रिपब्लिकन की बात करें तो 10 में से 8 (80% से अधिक) रिपब्लिकन मतदाता इस सैन्य बल के प्रयोग का समर्थन करते हैं।

डेमोक्रेट्स: 10 में से लगभग 8 विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट समर्थक इस कार्रवाई का विरोध करते हैं।

निर्दलीय: 10 में से लगभग 6 निर्दलीय मतदाता इन हमलों के खिलाफ हैं।

पूर्व सैन्यकर्मी: सेना में काम कर चुके मतदाताओं में से 59% ने इन हमलों का समर्थन किया है, जबकि 39% ने इसका विरोध किया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर सवाल

ईरान से निपटने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तरीके को लेकर मतदाताओं में संदेह देखा गया। 51% लोगों का मानना है कि ट्रंप के दृष्टिकोण ने अमेरिका को कम सुरक्षित बनाया है (जो पिछले जुलाई के 43% से अधिक है)। वहीं, 29% मानते हैं कि उनके कदमों से देश अधिक सुरक्षित हुआ है। 2023 में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के बारे में भी 50% लोगों ने कहा था कि उनकी नीतियों ने देश को कम सुरक्षित बनाया, जबकि केवल 12% ने माना था कि देश सुरक्षित हुआ है।

पार्टी और पूर्व सैनिकों की राय: 80% रिपब्लिकन हमलों का समर्थन तो करते हैं, लेकिन उनमें से केवल 60% ही मानते हैं कि ट्रंप के कदमों से देश सुरक्षित हो रहा है। पूर्व सैनिकों की बात करें तो 37% मानते हैं कि देश सुरक्षित हुआ है, जबकि 44% मानते हैं कि देश कम सुरक्षित हुआ है।

ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग और वैश्विक छवि

ट्रंप की विदेश नीति को 40% की अप्रूवल (स्वीकृति) मिली है, जबकि 60% इसे नापसंद करते हैं (जिसमें 21% रिपब्लिकन भी शामिल हैं)। उनके ओवरऑल कामकाज की अप्रूवल रेटिंग 43% है, और 57% इसे नापसंद करते हैं।

वैश्विक स्तर पर अमेरिका का सम्मान: 56% मतदाताओं का कहना है कि 4 साल पहले की तुलना में दुनिया भर में अमेरिका का सम्मान कम हुआ है। हालांकि, यह आंकड़ा 2024 में बाइडेन के कार्यकाल (61%) से बेहतर है। 30% का मानना है कि सम्मान बढ़ा है।

कार्यकारी आदेशों पर चिंता

सर्वे में शामिल दो-तिहाई (लगभग 66%) मतदाताओं ने चिंता व्यक्त की है कि कांग्रेस (संसद) की मंजूरी के बिना ट्रंप द्वारा कार्यकारी आदेशों का उपयोग देश के 'नियंत्रण और संतुलन' की प्रणाली को स्थायी रूप से बदल सकता है। फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान भी इसी सवाल पर बिल्कुल ऐसे ही परिणाम सामने आए थे।

'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' (जून) का मूल्यांकन

पिछले साल जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हवाई हमलों को लेकर मतदाता अभी भी बंटे हुए हैं। 30% लोगों ने कहा कि हमले ज्यादातर सफल रहे। 31% ने इसे ज्यादातर विफलता माना। 37% ने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

यह सर्वे बीकन रिसर्च (डी) और शॉ एंड कंपनी रिसर्च (आर) के निर्देशन में 28 फरवरी से 2 मार्च के बीच किया गया। इसमें एक राष्ट्रीय मतदाता सूची से चुने गए 1,004 पंजीकृत मतदाताओं के साक्षात्कार शामिल हैं। इस सर्वे में त्रुटि की गुंजाइश प्लस/माइनस 3 प्रतिशत अंक है।

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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