ईरान को झटका, चीन-रूस के साथ लपेटे में भारत भी, IRGC नेटवर्क पर अमेरिका का सबसे बड़ा वार
अमेरिका ने आईआरजीसी को सपोर्ट करने वाले नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा वार किया है। चीन, भारत, रूस और ईरान की छह कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाते हुए वाशिंगटन ने साफ संदेश दिया है कि आईआरजीसी और उसकी पसंदीदा एयरलाइन महान एयर को किसी भी तरह की मदद बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई की है। चीन, भारत, रूस और ईरान में स्थित छह कंपनियों तथा व्यक्तियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन सभी पर ईरानी सरकार की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उसके प्रमुख परिवहन नेटवर्क महान एयर को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता पहुंचाने का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम आईआरजीसी की सैन्य और आतंकवादी गतिविधियों को कमजोर करने की दिशा में एक और बड़ा प्रयास है।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका ने आज चीन, भारत, रूस और ईरान में छह ऐसी संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरानी सरकार की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को मदद पहुंचाती हैं। इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं जो महान एयर को समर्थन देती हैं। बता दें कि महान एयर आईआरजीसी की पसंदीदा एयरलाइन है और इसका इस्तेमाल हथियारों, सैन्य कर्मियों तथा अन्य सामानों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए नियमित रूप से किया जाता है।
इस कार्रवाई में दादनेगर स्टार्टअप स्टूडियो को भी विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह आईआरजीसी से जुड़ी एक फ्रंट कंपनी है, जो मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली परिसंपत्तियों तथा कर्मियों की लोकेशन का पता लगाकर ईरानी सैन्य बलों को लक्ष्य निर्धारण में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है।
ट्रेजरी विभाग ने अपने बयान में महान एयर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विभाग का कहना है कि महान एयर आईआरजीसी-कुद्स फोर्स के लिए यात्रा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराती रही है, जिससे सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा इस एयरलाइन पर ड्रोन सिस्टम की खरीद और परिवहन में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। ट्रेजरी विभाग का मानना है कि महान एयर आईआरजीसी के वैश्विक सैन्य नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन चुकी है।
ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस पूरे नेटवर्क की गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति या कंपनी द्वारा इस नेटवर्क को वित्तीय या व्यावसायिक सेवाएं प्रदान करना दरअसल एक 'आतंकवादी उद्यम' को जिंदा रखने और उसे मजबूत करने के बराबर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ऐसे सभी सहयोगियों को बेनकाब करने और उनके कारोबार को बाधित करने का प्रयास जारी रखेगा।
स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता पिगॉट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर महान एयर या किसी अन्य प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइन के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों और व्यक्तियों से आग्रह करता है कि वे इस तरह के काम को जारी रखने से उत्पन्न होने वाले गंभीर खतरों को समझें और पहचाने। अमेरिका उन सभी संस्थाओं को लगातार बेनकाब और बाधित करता रहेगा जो आईआरजीसी को ऐसे उपकरण, तकनीक और जानकारी मुहैया कराती हैं, जिनका इस्तेमाल वह अमेरिकी कर्मचारियों, हमारे सहयोगी देशों और पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डालने के लिए करती है।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि आईआरजीसी न केवल ईरान के अंदर बल्कि पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों में लिप्त है। महान एयर जैसे नेटवर्क के माध्यम से हथियारों और सैन्य साजो-सामान की आवाजाही इस खतरे को और बढ़ाती है। इसलिए अमेरिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी कंपनी या व्यक्ति इस नेटवर्क से जुड़ा रहेगा, उसे भारी आर्थिक और कानूनी कीमत चुकानी पड़ेगी।


