
20 मिनट में मॉस्को-बीजिंग दोनों साफ; US ने लॉन्च किया परमाणु मिसाइल, मिनटमैन-III की खूबियां क्या?
मिनटमैन III शीत युद्ध-युग में तैयार किया गया एक न्यूक्लियर डेटरेंस सिस्टम है। परमाणु युद्ध की स्थिति में यह निर्णायक हो सकता है। इसे केवल परमाणु हमले के बाद जवाबी हमले के तौर पर लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया है।
पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस, चीन, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया पर चोरी-छिपे परमाणु परीक्षण करने का आरोप लगाया था और कहा था कि उनका देश भी 33 साल बाद न्यूक्लियर टेस्ट करेगा। इसी बीच, बुधवार को तड़के सुबह अमेरिकी वायु सेना ने मिनटमैन III अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल दूसरे महाद्वीपों तक तीन परमाणु बम ले जाने में सक्षम है।

अमेरिकी वायु सेना ग्लोबल स्ट्राइक कमांड (AFGSC) ने एक बयान में कहा है कि उसने वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से बिना हथियार के मिनटमैन III आईसीबीएम का सफल परीक्षण किया है। सेना के बयान में कहा गया है कि ये रॉकेट 4200 मील की दूरी तय करके मार्शल द्वीप समूह में रोनाल्ड रीगन बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा परीक्षण स्थल के पास लैंड किया। बयान में कहा गया है कि जीटी 254 नामक इस परीक्षण में आईसीबीएम प्रणाली की वर्तमान विश्वसनीयता, परिचालन तत्परता और सटीकता का मूल्यांकन किया गया।
वर्षों पहले से निर्धारित था परीक्षण
अमेरिकी सेना ने कहा है कि यह प्रक्षेपण एक नियमित परीक्षण था और वर्षों पहले से निर्धारित था। ट्रंप ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि न्यूक्लियर टेस्ट की प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी। ट्रंप के इस ऐलान से अमेरिका के परमाणु विरोधियों रूस और चीन,के कान खड़े हो गए थे। इस बीच, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने स्पष्ट किया कि इन परीक्षणों में वास्तविक विस्फोट शामिल नहीं होंगे, जैसा कि पहले किया गया था।
1992 से परमाणु परीक्षणों पर रोक
बता दें कि अमेरिका ने 1992 से विस्फोटक परमाणु परीक्षणों पर रोक लगा रखी थी, फिर भी वह अपने आईसीबीएम और पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलों (एसएलबीएम) का नियमित रूप से बिना हथियारों के परीक्षण करता रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों सेनाएँ—परमाणु-सक्षम बमवर्षक विमानों के साथ, जो देश के परमाणु त्रिकोण को पूरा करते हैं—रणनीतिक रूप से दुश्मन का मुकाबला कर सके।
मिनटमैन III की क्या खूबियां?
मिनटमैन III शीत युद्ध-युग में तैयार किया गया एक न्यूक्लियर डेटरेंस सिस्टम का हिस्सा है। परमाणु युद्ध की स्थिति में अमेरिका के लिए यह निर्णायक हो सकता है। इसे केवल परमाणु हमले के बाद जवाबी हमले के तौर पर लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसलिए इसे कयामत के दिन वाली मिसाइल के नाम से जाना जाता है। इस मिसाइल की मारक क्षमता 13000 किलोमीटर तक है।यह एक घंटे में 15000 मील की दूरी तय कर सकती है।
20 मिनट में हीं मॉस्को और बीजिंग तबाह
यानी ये मिसाइल 20 मिनट में हीं मॉस्को और बीजिंग तक पहुंच सकती है और तबाही मचा सकती है। अमेरिका से मॉस्को तक की दूरी करीब 4900 मील है, जबकि बीजिंग की करीब 6000 मील है। इन दोनों देशों के अलावा यह मिसाइल कई देशों की राजधानी को टारगेट कर कता है। इस मिसाइल में तीन परमाणु हथियार हो सकते हैं, जो अलग-अलग निर्देश पाकर हमले कर सकते हैं। मिनटमैन III ठोस रॉकेट फ्यूल का उपयोग करता है। इस वजह से इसे तरल-ईंधन (लिक्विड फ्यूल) वाली मिसाइलों की तुलना में मेंटेन करना आसान है।

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