
वेनेजुएला को अमेरिका का एक और फरमान- इन चार देशों से नाता तोड़ दो; एक तो भारत का दोस्त
वेनेजुएला लंबे समय से चीन, रूस, ईरान और क्यूबा पर आर्थिक और सुरक्षा सहायता के लिए निर्भर रहा है, खासकर शावेज और मादुरो के शासनकाल में। इन संबंधों को पूरी तरह तोड़ना वेनेजुएला की विदेश नीति में बड़ा उलटफेर होगा।
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। इस बीच अमेरिका ने वेनेजुएला के लिए एक और फरमान जारी किया है। अमेरिका ने कहा है कि वेनेजुएला को चार दशों के साथ अपने संबंध कम करने चाहिए। इन देशों में एक भारत का करीबी दोस्त रूस भी शामिल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज को सख्त निर्देश दिए हैं कि उनका देश तेल उत्पादन में केवल अमेरिका के साथ विशेष साझेदारी करे और भारी कच्चे तेल की बिक्री में अमेरिका को प्राथमिकता दे। एबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका यह भी मांग कर रहा है कि वेनेजुएला चीन, रूस, ईरान और क्यूबा के साथ अपने संबंधों को कम करे और इन देशों को बाहर निकालकर आर्थिक संबंध पूरी तरह तोड़ दे।
रिपोर्ट में तीन अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वेनेजुएला को अधिक तेल उत्पादन की अनुमति तभी मिलेगी जब वह इन शर्तों को माने। वाइट हाउस ने इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। यह मांगें ऐसे समय में आई हैं जब निकोलस मादुरो को अमेरिकी विशेष बलों द्वारा गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया है और डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया है।
वेनेजुएला लंबे समय से चीन, रूस, ईरान और क्यूबा पर आर्थिक और सुरक्षा सहायता के लिए निर्भर रहा है, खासकर ह्यूगो शावेज और मादुरो के शासनकाल में। इन संबंधों को पूरी तरह तोड़ना वेनेजुएला की विदेश नीति में बड़ा उलटफेर होगा।
ट्रंप ने मंगलवार शाम कहा कि वेनेजुएला अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल भेजेगा, जिसकी कीमत वर्तमान बाजार मूल्य पर करीब 2.8 अरब डॉलर तक हो सकती है। उन्होंने घोषणा की कि यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और आय दोनों देशों के लाभ के लिए उपयोग की जाएगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रशासन अगले सप्ताह अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेजुएला में निवेश पर चर्चा करेगा।
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका वेनेजुएला पर कब्जा नहीं करना चाहता, लेकिन ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह देश के भविष्य को निर्देशित करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे, मुख्य रूप से तेल राजस्व से वित्तपोषित। यह घटनाक्रम वैश्विक तेल बाजार और भू-राजनीतिक संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है, क्योंकि वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों वाला देश है।

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