ताबूत में वापस जाओगे, अमेरिकी सैनिकों के उतरने की आशंका के बीच ईरानी अखबार का पलटवार
ईरान के तेहरान टाइम्स ने पहले पन्ने पर अमेरिकी सैनिकों की एक जहाज पर चढ़ते हुए तस्वीर छापी। इसके साथ बड़ी-बड़ी सुर्खियों में लिखा था- नर्क में आपका स्वागत है। जो भी अमेरिकी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखेगा, वह सिर्फ ताबूत में ही वापस जाएगा।

ईरान में अमेरिका द्वारा 10 हजार अतिरिक्त जमीनी सैनिकों को भेजे जाने की तैयारियों वाली रिपोर्ट्स के बीच तेहरान के अखबार ने करारा पलटवार किया है। ईरान के 'तेहरान टाइम्स' अखबार ने अमेरिका की जमीनी सैनिकों को उतारने वाली धमकी पर दो टूक कहा है कि अगर ऐसा हुआ तो अमेरिकी सैनिक ताबूत में वापस लौटेंगे। पिछले महीने के आखिरी में शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध से अब तक बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। पूरा मिडिल ईस्ट इस जंग से धधक रहा है। साथ ही, दुनिया में ऊर्जा संकट का असर पड़ा है।
'तेहरान टाइम्स' 28 मार्च वाले अखबार के पहले पन्ने पर अमेरिकी सैनिकों की एक जहाज पर चढ़ते हुए तस्वीर छापी। इसके साथ बड़ी-बड़ी सुर्खियों में लिखा था- नर्क में आपका स्वागत है। इसके नीचे कैप्शन में लिखा था- ''जो भी अमेरिकी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखेगा, वह सिर्फ ताबूत में ही वापस जाएगा।'' तेहरान टाइम्स का यह कवर अमेरिकी सेंट्रल कमांड की उस पुष्टि के साथ मेल खाता है, जिसमें बताया गया है कि संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्र में लगभग 3,500 अमेरिकी सैनिक पहुंच चुके हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है। ईरान ने खाड़ी देशों पर अमेरिकी ठिकानों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, इस संघर्ष में सुप्रीम लीडर समेत कई बड़े नेता व सैन्य अधिकारी भी तेहरान ने गंवाए हैं, लेकिन फिर भी वह पीछे हटने को तैयार नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए ईरान के साथ शांति वार्ता का ऐलान किया है। ईरान बातचीत से इनकार करता रहा है। दोनों देशों के संघर्ष में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है।
'अमेरिका के पास ईरान पर हमला करने के लिए 3,554 टारगेट बाकी हैं'
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ अपना सैन्य अभियान पूरा करने और ईरान पर हमला करने के लिए 3,554 टारगेट बाकी हैं। ट्रंप ने मियामी में कहा, "हमारे पास अभी 3,554 टारगेट बाकी हैं और यह काम बहुत सफाई से किया जाएगा।" उन्होंने अपनी बात की पुष्टि के लिए कोई खास डेटा नहीं दिया और न ही पेंटागन (अमेरिका के रक्षा विभाग) की किसी आधिकारिक रिपोर्ट या खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी का हवाला दिया। वहीं, ट्रंप ने अमेरिका की मदद न करने के लिए नाटो देशों की कड़ी आलोचना की, लेकिन बाद में कहा कि उन्हें उनकी सहायता की जरूरत नहीं है। वह ईरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समयसीमा को दो बार बढ़ा चुके हैं।
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