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इतिहास का सबसे बड़ा खतरा; ट्रंप टैरिफ पर 'सुप्रीम' फैसले से पहले ये क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

इतिहास का सबसे बड़ा खतरा; ट्रंप टैरिफ पर 'सुप्रीम' फैसले से पहले ये क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

संक्षेप:

जनवरी में दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद से ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, खासकर जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुद्दे पर, जिसे अमेरिकी नागरिक कम से कम आंशिक रूप से टैरिफ की वजह से मानते हैं।

Dec 09, 2025 10:56 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी कि टैरिफ लगाने के उनके अधिकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का कोई भी संभावित फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इतिहास का सबसे बड़ा खतरा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ पर नकारात्मक निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ फैसला सुनाता है तो अमेरिका 'आर्थिक रूप से पूरी तरह असहाय' हो जाएगा।

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ट्रंप ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि आसानी से और तेजी से लगाए गए टैरिफ की वजह से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा में भारी वृद्धि हुई है और हम दुनिया के अब तक के सबसे आर्थिक रूप से मजबूत देश बन गए हैं। केवल अंधेरे और भयावह ताकतें ही इसे खत्म होते देखना चाहेंगी।

गौरतलब है कि जनवरी में दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद से ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, खासकर जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुद्दे पर, जिसे अमेरिकी नागरिक कम से कम आंशिक रूप से टैरिफ की वजह से मानते हैं। सितंबर में अमेरिका में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर बढ़कर 2.8 प्रतिशत हो गई।

इस मुद्दे ने MAGA आंदोलन में भी विभाजन पैदा कर दिया है। ट्रंप की पूर्व करीबी सहयोगी मार्जोरी टेलर ग्रीन, जिन्होंने नवंबर में ट्रंप से सार्वजनिक रूप से दूरी बना ली थी, ने कहा कि राष्ट्रपति सामर्थ्य (Affordability) पर ध्यान देने में पूरी तरह असफल रहे हैं। पिछले सप्ताह कॉस्टको अमेरिका की सबसे बड़ी और मशहूर कंपनी बन गई जिसने टैरिफ नीति को कानूनी चुनौती दी है। यह वही नीति है जिसे ट्रंप अमेरिकी व्यापार में लंबे समय से चले आ रहे असंतुलन को ठीक करने और अन्य देशों पर कूटनीतिक दबाव डालने का आधार बताते रहे हैं।

बता दें कि 5 नवंबर से सुप्रीम कोर्ट ट्रंप की व्यापक टैरिफ नीति की संवैधानिक वैधता की जांच कर रहा है, हालांकि अभी फैसले की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। कई बड़े व्यवसायों और डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले राज्यों ने भी अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में मुकदमे दायर किए हैं। इनमें तर्क दिया गया है कि टैरिफ असंवैधानिक हैं क्योंकि टैरिफ लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है और ये टैरिफ पूरी तरह अवैध हैं।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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