Hindi Newsविदेश न्यूज़US President Donald Trump ends birthright citizenship in the US, says it was for slaves, not rich warns
ये अमीरों के लिए नहीं, बल्कि गुलामों के... डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता पर चेताया, कैसे हुई थी शुरुआत?

ये अमीरों के लिए नहीं, बल्कि गुलामों के... डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता पर चेताया, कैसे हुई थी शुरुआत?

संक्षेप:

जन्मसिद्ध नागरिकता के खिलाफ इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बारे में पोलिटिको से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनके प्रशासन के खिलाफ इस मुद्दे पर फैसला देता है तो यह अमेरिका के लिए बहुत बुरा होगा।

Dec 10, 2025 03:12 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि देश में जन्मजात या जन्मसिद्ध नागरिकता का प्रावधान गुलामों के बच्चों के लिए किया गया था न कि अमीर अप्रवासियों के यहां बसने के लिए। अमेरिकी मीडिया आउटलेट से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बाद में अमीर लोग इस कानून का इस्तेमाल अमेरिका में बसने के लिए करने लगे। बता दें कि इस साल जनवरी में दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभलाने वाले ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद अपने कार्यकाल के पहले दिन ही बर्थराइट सिटिज़नशिप कानून खत्म करने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत किए थे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

जन्मसिद्ध नागरिकता के खिलाफ इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बारे में पोलिटिको से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनके प्रशासन के खिलाफ इस मुद्दे पर फैसला देता है तो यह अमेरिका के लिए बहुत बुरा होगा। उन्होंने कहा, “यह केस बहुत दिलचस्प है क्योंकि यह केस गुलामों के बच्चों के लिए था। अगर आप केस की तारीखें देखें, तो यह बिल्कुल सिविल वॉर से जुड़ा था। यह केस किसी अमीर आदमी के लिए था ही नहीं, जो दूसरे देशों से आए और हमारे देश में कदम रखे, और अचानक उसका पूरा परिवार अमेरिकी नागरिक बन जाए।”

ये भी पढ़ें:'ऐसी औरत नहीं चाहिए जो अपने भाई से शादी करे', मुस्लिम सांसद पर फिर बरसे ट्रंप

यही बात कोर्ट को भी समझायी गई है

राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा, "यह केस पूरी तरह से गुलामों, गुलामों के बच्चों के बारे लिए था और ऐसा करने के पीछे एक अच्छा कारण था। बस यही मामला था, और लोग अब इसे जन्मजात अधिकार समझ रहे हैं।" ट्रंप ने कहा, “यही बात कोर्ट को भी समझायी गई है और मुझे लगता है कि कोर्ट भी इसे समझता है। अगर हम वह केस हार गए तो यह बहुत बुरा फैसला होगा।” ट्रंप ने कहा कि जब यह कानून पास हुआ था, तो वह दौर US सिविल वॉर का इमिग्रेशन पर अपनी नीति को दोहराते हुए, ट्रंप ने कहा कि कानून खत्म करने का उनका फैसला इसलिए था क्योंकि हमारा देश लाखों लोगों को घर देने का खर्च नहीं उठा सकता।

ये भी पढ़ें:उनके होंठ रुकते नहीं हैं.., अपनी ही महिला अधिकारी के बारे में क्या बोल गए ट्रंप

14वें संविधान संशोधन के तहत किया गया था प्रावधान

बता दें कि अमेरिकी संसद ने 14वें संविधान संशोधन के तहत यह प्रावधान किया था कि अमेरिका के भौगोलिक दायरे में पैदा हुए या वहां के नागरिक बने सभी लोग, और वहां के अधिकार क्षेत्र में आने वाले, ऐसे सभी लोग अमेरिकी नागरिक होंगे। अमेरिकी संविधान में यह संशोधन 1868 में, सिविल वॉर के ठीक बाद किया गया था, ताकि पहले गुलाम बनाए गए लोगों और US की धरती पर पैदा हुए लोगों को नागरिकता दी जा सके। इस साल जनवरी में ट्रंप के ऑर्डर के बाद, अमेरिकी प्रशासन ने कहा था कि 20 जनवरी, 2025 के 30 दिन बाद US में पैदा हुए किसी भी बच्चे को बर्थराइट सिटिज़नशिप का हक नहीं होगा।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen
भूगोल में पीएचडी और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर उपाधि धारक। ईटीवी से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार पत्रकारिता करियर की शुरुआत। कई हिंदी न्यूज़ चैनलों (इंडिया न्यूज, फोकस टीवी, साधना न्यूज) की लॉन्चिंग टीम का सदस्य और बतौर प्रोड्यूसर, सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में काम करने के बाद डिजिटल पत्रकारिता में एक दशक से लंबे समय का कार्यानुभव। जनसत्ता, एनडीटीवी के बाद संप्रति हिन्दुस्तान लाइव में कार्यरत। समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक जगत के अंदर की खबरों पर चिंतन-मंथन और लेखन समेत कुल डेढ़ दशक की पत्रकारिता में बहुआयामी भूमिका। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और संपादन। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।