होर्मुज स्ट्रेट में अंडरवाटर ड्रोन उतारने जा रहा अमेरिका, बारूदी सुरंगें चुन-चुनकर करेगा नष्ट
इस ऑपरेशन में यूएस नौसेना खास तरह के अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल करेगी, जो माइन्स का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर सकते हैं। कुछ अमेरिकी कंपनियां सस्ते और प्रभावी ड्रोन तैयार कर रही हैं, जो 5000 फीट की गहराई तक जा सकते हैं।
अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से माइन्स साफ करने के लिए अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। हाल ही में 2 अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS फ्रैंक ई. पीटरसन और USS माइकल मर्फी ने होर्मुज को पार किया और अरबियन गल्फ में ऑपरेशन शुरू किया। यह मिशन ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की ओर से लगाए गए समुद्री माइन्स को हटाने का हिस्सा है। सेंट्रल कमांड के अनुसार, आने वाले दिनों में अतिरिक्त बलों के साथ अंडरवाटर ड्रोन भी इस अभियान में शामिल होंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में यूएस नौसेना खास तरह के अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल करेगी, जो माइन्स का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर सकते हैं। कुछ अमेरिकी कंपनियां सस्ते और प्रभावी ड्रोन तैयार कर रही हैं, जो 5000 फीट की गहराई तक जा सकते हैं। ईरान की ओर से लगाए गए माइन्स ने समुद्री यातायात को प्रभावित किया है, जिससे तेल आपूर्ति में बाधा पहुंची है। अमेरिकी सेना का यह कदम क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है, ताकि व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सके।
तैयार किए जा रहे खास तरह के अंडरवाटर ड्रोन
दूसरी ओर, इटली की कंपनी साइपेम ने हाइड्रोन-R नामक क्रांतिकारी अंडरवाटर ड्रोन तैयार किया है, जो समुद्र तल पर 12 महीने तक लगातार रह सकता है। यह दुनिया का पहला रेसिडेंट अंडरवाटर इंटरवेंशन ड्रोन (UID) है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तेल पाइपलाइनों का निरीक्षण, निगरानी और मरम्मत स्वयं कर सकता है। नॉर्वे के इक्विनोर के नॉर्ड फील्ड में 300 मीटर गहराई पर यह ड्रोन 2023 से काम कर रहा है और 240 दिनों का रिकॉर्ड बना चुका है। इसमें 3000 मीटर तक की गहराई पर काम करने की क्षमता है। साथ ही AI से रास्ता तय करना, बाधाओं का पता लगाना और पाइपलाइन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं हैं।
हाइड्रोन-R पारंपरिक ROV सिस्टम से अलग है, क्योंकि इसमें सपोर्ट वेसल या मानव ऑपरेटर की जरूरत नहीं पड़ती। यह 12 kW पावर के साथ इलेक्ट्रिक और हाइड्रॉलिक टूल्स का उपयोग कर वाल्व मैनिपुलेशन जैसी जटिल कार्य कर सकता है। कंपनी के साथ 10 वर्षीय करार के तहत यह तकनीक ऑफशोर मेंटेनेंस को बदल रही है। अंडरवाटर ड्रोन सैन्य और सिविल दोनों क्षेत्रों में भविष्य की तकनीक हैं, जो खतरों से निपटने और सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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