टैरिफ चोरी में चीन की मदद कर रहा भारत, अमेरिका ने लगाया बड़ा आरोप; किस स्कैम का जिक्र?

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अवैध नेटवर्क के जरिए सालाना 40 अरब डॉलर से लेकर 303 अरब डॉलर तक के चीनी सामान को दूसरे देशों के रास्ते अमेरिका में खपाया जा रहा है। इन देशों की लिस्ट में भारत को भी रखा गया है।

US names India among 40 countries helping China to evade tariffs
अमेरिका ने लगाया बड़ा आरोप

अमेरिका ने टैरिफ को लेकर एक बार फिर भारत को निशाना बनाया है। इस बार भारत पर एक चौंकाने वाला आरोप लगाया गया है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि भारत चीन को अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद कर रहा है। यह दावा वाइट हाउस के शीर्ष व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की रिपोर्ट ‘द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम’ में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका अब ऐसे मामलों का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करेगा।

पीटर नवारो की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत समेत 40 से अधिक देश चीन के लिए एक 'शैडो ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क' की तरह काम कर रहे हैं। दावा किया गया है कि इस अवैध नेटवर्क के जरिए सालाना 40 अरब डॉलर से लेकर 303 अरब डॉलर तक के चीनी सामान को दूसरे देशों के रास्ते अमेरिका में खपाया जा रहा है।

क्या बोले पीटर नवारो?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने दावा किया कि चीन अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए तीसरे देशों का इस्तेमाल कर रहा है। इन देशों में भारत के अलावा मैक्सिको, कनाडा, यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया का भी नाम लिया गया है। पीटर नवारो ने पत्रकारों के सामने इस रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा, “सालों से यह बड़ा ट्रांस-शिपमेंट घोटाला कम्युनिस्ट चीन को भारत, मेक्सिको, कनाडा और यूरोपीय संघ जैसे 40 से अधिक देशों के जरिए अपने एक्सपोर्ट्स की लॉन्ड्रिंग करने का मौका दे रहा है। इसके जरिए चीनी कंपनियां अमेरिका द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ से बच निकलती हैं।”

भारत पर क्या आरोप?

रिपोर्ट के मुताबिक चीन तीसरे देशों में अपने सामान की हल्की प्रोसेसिंग, दोबारा पैकेजिंग, लेबल बदलकर या सामान के रूट में बदलाव के जरिए उत्पाद को अलग दिखाने की कोशिश करता है। अमेरिका का आरोप है कि इससे चीनी सामान पर लगने वाले भारी टैरिफ से बचने में मदद मिलती है। नवारो ने भारत के पुणे-गुजरात-चेन्नई प्रोडक्शन बेल्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां चीन से आए पंप और कंप्रेसर को भारतीय उत्पाद के तौर पर अमेरिकी बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।

AI से होगी ‘टैरिफ चोरी’ की निगरानी

अमेरिका ऐसे संदिग्ध शिपमेंट की पहचान के लिए AI आधारित ‘डिटेक्टिव बॉर्डर’ सिस्टम इस्तेमाल करने की तैयारी में है। यह सिस्टम शिपमेंट डेटा, सामान के रूट, उत्पाद की कैटेगरी, कंपनियों के मालिकाना संबंध और उत्पादन क्षमता जैसे आंकड़ों का विश्लेषण करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मकसद संदिग्ध सामान की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर उस पर कार्रवाई, शुल्क वसूली, जुर्माना या अमेरिकी बाजार में प्रवेश पर रोक लगाना है।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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