हथियारों और गोला-बारूद का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा रहा अमेरिका, महायुद्ध की तैयारी या कुछ और?

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उप रक्षा मंत्री स्टीव फीनबर्ग ने कहा कि वर्षों तक चलने वाली विकास और उत्पादन प्रक्रिया अब स्वीकार्य नहीं है। अमेरिका को कार्यक्रमों की समयसीमा में तेजी लाने के साथ उत्पादन क्षमता का जल्द से जल्द विस्तार करना होगा। 

US is rapidly ramping up production of weapons ammunition is it preparing for a major war
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने डिफेंस सेक्टर से हथियारों और गोला-बारूद का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ाने को कहा है। यह कदम अमेरिकी सैन्य भंडार में कमी की चिंताओं के बीच उठाया गया है। खासकर ईरान के साथ पिछले 5 महीने से जारी संघर्ष के दौरान बड़ी मात्रा में मिसाइल रोधी हथियारों के इस्तेमाल के बाद अमेरिकी भंडार पर दबाव बढ़ा है। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि विभाग हथियारों की खरीद बढ़ाने पर काम कर रहा है, ताकि सैनिकों को खतरे के समय हथियार उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि हथियार उत्पादन में तेजी लाने की कोशिश पिछले एक सप्ताह में तेज हुई है। यह सैन्य आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है, जो ईरान संघर्ष से पहले ही शुरू हो चुका था।

उप रक्षा मंत्री स्टीव फीनबर्ग ने बुधवार को रक्षा कंपनियों के प्रमुखों को पत्र भेजकर अधिकतम 21 दिनों के भीतर अपनी योजनाएं सौंपने को कहा है। पत्र में सैन्य क्षमताओं की आपूर्ति को काफी तेज करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आक्रामक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। फीनबर्ग ने कहा कि वर्षों तक चलने वाली विकास और उत्पादन प्रक्रिया अब स्वीकार्य नहीं है। अमेरिका को कार्यक्रमों की समयसीमा में भारी तेजी लाने के साथ उत्पादन क्षमता का तत्काल विस्तार करना होगा।

क्या हथियारों के भंडार में आई कमी?

सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, ईरान के साथ हालिया लड़ाई में अमेरिका के पहले से कम हो चुके मिसाइल रोधी हथियारों के भंडार में और कमी आई है। पैट्रियट और थाड मिसाइल रोधी प्रणालियों के सीमित भंडार के कारण अमेरिका और उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों को अपनी हवाई सुरक्षा के इस्तेमाल में अधिक जोखिम उठाना पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो अमेरिकी सेना ईरान से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों पर कम संख्या में अवरोधक मिसाइलें दाग सकती है, जिससे कुछ हमलावर हथियारों के लक्ष्य तक पहुंचने की आशंका बढ़ सकती है।

CSIS के अनुमान के मुताबिक, युद्ध से पहले अमेरिका के पास 2330 पैट्रियट अवरोधक मिसाइलें थीं, जो अप्रैल में संघर्षविराम के समय घटकर 1030 रह गई थीं। हालिया लड़ाई के बाद यह संख्या 759 से 827 के बीच रह गई है। थाड मिसाइल रोधी प्रणाली का भंडार भी संघर्ष से पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है। युद्ध से पहले अमेरिका के पास 452 थाड अवरोधक मिसाइलें थीं, जो अप्रैल में संघर्षविराम की शुरुआत के समय घटकर 232 से 262 के बीच रह गई थीं। इसके बाद कुछ मिसाइलों की भरपाई की गई और भंडार 234 से 278 के बीच पहुंचा, लेकिन यह अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से कम से कम 38 प्रतिशत नीचे है।

Niteesh Kumar

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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