मीटिंग करने वाले थे चीन और ईरान के विदेश मंत्री, उससे पहले ही होर्मुज में चीनी टैंकर पर हमला; बीजिंग भड़का

Pramod Praveen रॉयटर्स, बीजिंग
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चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की कि चीनी क्रू को ले जा रहे एक तेल प्रोडक्ट टैंकर पर होर्मुज स्ट्रेट में हमला हुआ है। इसके साथ ही बीजिंग ने मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े से प्रभावित जहाजों के बारे में गहरी चिंता जताई है।

मीटिंग करने वाले थे चीन और ईरान के विदेश मंत्री, उससे पहले ही होर्मुज में चीनी टैंकर पर हमला; बीजिंग भड़का

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनातनी के बीच होर्मुज समुद्री मार्ग में एक बार फिर लड़ाई छिड़ गई है और ईरान-अमेरिका में भिड़ंत शुरू हो गई है। अमेरिका ने दावा किया है कि यूएस नेवी के तीन विध्वंसक (Destroyers) होर्मुज़ से गुजरते समय ईरानी हमलों की चपेट में आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी हुई। अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के बंदरगाहों और द्वीपों पर हमले किए हैं। इसी बीच होर्मुज से गुजर रहे चीनी टैंकर को भी निशाना बनाया गया है, जिस पर चीन भड़क उठा है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की कि चीनी क्रू को ले जा रहे एक तेल प्रोडक्ट टैंकर पर होर्मुज स्ट्रेट में हमला हुआ है। इसके साथ ही बीजिंग ने मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े से प्रभावित जहाजों के बारे में गहरी चिंता जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक रेगुलर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जहाज पर चीनी नागरिक सवार हैं, लेकिन अभी तक किसी क्रू के हताहत होने की खबर नहीं है। चीनी मीडिया कैक्सिन ने गुरुवार को बताया कि सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास "CHINA OWNER & CREW" मार्क वाले एक चीनी ऑयल प्रोडक्ट्स टैंकर पर हमला हुआ।

चीन ईरानी तेल का एक बड़ा खरीदार

यह हमला तब हुआ, जब बुधवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के बीच मीटिंग होनी थी लेकिन उससे पहले ही चीनी टैंकर हमले की चपेट में आ गए। बाद में उस मीटिंग में दोनों नेताओं ने होर्मुज समुद्री मार्ग को फिर से खोलने पर चर्चा की। बता दें कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से चीन ईरानी तेल का एक बड़ा खरीदार बना हुआ है। मार्च में युद्ध के दौरान भी ईरान से इसके इम्पोर्ट पर ज़्यादा असर नहीं पड़ा।

UAE के तट पर हमला

बहरहाल, जिस जहाज़ पर हमला हुआ, उसकी ऑफिशियल पहचान नहीं हो पाई है। मैरीटाइम सिक्योरिटी सोर्स ने कहा कि डैमेज हुआ जहाज़ मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला ऑयल प्रोडक्ट्स और केमिकल टैंकर JV Innovation माना जा रहा है, जिसने सोमवार को पास के जहाजों को डेक पर आग लगने की खबर दी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह घटना खाड़ी में यूनाइटेड अरब अमीरात के तट पर मीना सकर के पास हुई।

करीब 20,000 नाविक खाड़ी में फंसे हुए हैं

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई की वजह से सैकड़ों जहाज़ और करीब 20,000 नाविक खाड़ी में फंसे हुए हैं, जबकि इस हफ़्ते जहाजों पर नए हमलों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाला ट्रैफिक बुरी तरह रुक गया है। अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को फिर से गोलीबारी हुई, क्योंकि वॉशिंगटन लड़ाई रोकने के मकसद से अमेरिका के एक प्रस्ताव पर तेहरान के जवाब का इंतज़ार कर रहा था, जबकि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम समेत विवादित मुद्दों को अभी के लिए अनसुलझा छोड़ दिया गया था।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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