अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने के बेहद करीब, सिंगल पेज मेमो तैयार; अगले 48 घंटे तय करेंगे भविष्य

Devendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका और ईरान इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक डील के बेहद करीब पहुंच गए हैं। एक्सियोस ने अमेरिकी अधिकारियों और मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है कि वाइट हाउस ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने और व्यापक परमाणु वार्ताओं के लिए सिंगल पेज MOU पर सहमति के अंतिम चरण में है।

अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने के बेहद करीब, सिंगल पेज मेमो तैयार; अगले 48 घंटे तय करेंगे भविष्य

अमेरिका और ईरान इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक डील के बेहद करीब पहुंच गए हैं। एक्सियोस ने अमेरिकी अधिकारियों और मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है कि वाइट हाउस ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने और व्यापक परमाणु वार्ताओं के लिए सिंगल पेज समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति के अंतिम चरण में है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित ढांचे में 14 सूत्रीय एक पृष्ठ का MOU शामिल है, जिसका उद्देश्य तत्काल युद्धविराम लागू करना और अगले 30 दिनों में पूर्ण समझौते पर पहुंचना है। इसके तहत ईरान अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम में अल्पकालिक विराम लगाने को तैयार है। बदले में अमेरिका ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने और अरबों डॉलर की ईरानी संपत्तियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। दोनों देश होर्मुज में तनाव कम करने और समुद्री जल मार्ग संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भी सहयोग करेंगे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई महत्वपूर्ण शर्तें आगे की बातचीत पर निर्भर हैं, जिससे फिर से संघर्ष या लंबी अनिश्चितता का खतरा बना हुआ है। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य गतिविधियां कम करने का हालिया फैसला इन्हीं राजनयिक प्रयासों का नतीजा है। इस कूटनीति का नेतृत्व अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कर रहे हैं, जो प्रत्यक्ष चैनलों के साथ-साथ तीसरे पक्ष के माध्यम से तेहरान से संपर्क बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि अगर यह MOU औपचारिक रूप ले लेता है तो यह आधिकारिक तौर पर 'युद्ध की समाप्ति' की घोषणा करेगा और आगे की तकनीकी चर्चाएं इस्लामाबाद या जिनेवा में स्थानांतरित हो जाएंगी।

विवाद का मुख्य मुद्दा क्या है?

रिपोर्ट के अनुसार, विवाद का मुख्य मुद्दा ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर लगाए जाने वाले विराम की अवधि है। दरअसल, अमेरिका 20 साल की अवधि चाहता है, जबकि ईरान 5 साल का प्रस्ताव दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष 12 से 15 साल के बीच कोई समझौता कर सकते हैं। अमेरिका ऐसा तंत्र भी चाहता है जिसके तहत ईरान द्वारा शर्तों का उल्लंघन करने पर विराम की अवधि को स्वतः बढ़ाया जा सके। बताया जा रहा है कि समझौते के बाद ईरान को 3.67 प्रतिशत तक सीमित संवर्धन फिर से शुरू करने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन उसे परमाणु हथियार न बनाने की स्पष्ट गारंटी देनी होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते में ईरान की भूमिगत परमाणु सुविधाओं पर रोक और संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों द्वारा अचानक जांच जैसे प्रावधान भी शामिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार को हटाने और अमेरिका को सौंपने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

रिपोर्ट के अनुसार, अगले 48 घंटे इस पूरे प्रयास के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं, क्योंकि अमेरिका तेहरान की अहम प्रतिक्रियाओं का इंतजार कर रहा है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि हमें एक ही दिन में पूरा समझौता लिखने की जरूरत नहीं है, लेकिन जो बातचीत हम करने को तैयार हैं और जो रियायतें हम शुरू में दे सकते हैं, उसकी सीमा स्पष्ट होनी चाहिए। इस दौरान रुबियो ने ईरानी नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल भी उठाए और कुछ लोगों को 'दिमाग से पागल' बताया।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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