सीमित हैं तेल के भंडार, डोनाल्ड ट्रंप की गलती से सबकुछ हो सकता है तबाह… एक्सपर्ट्स की चेतावनी ने डराया

भाषा, नई दिल्ली
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सिब्बल ने कहा कि इस संघर्ष को रोकना आवश्यक है क्योंकि इस युद्ध की जो कीमत दुनिया भर के देशों को चुकानी पड़ रही है, वह असहनीय है। उन्होंने यह भी कहा है कि तेल की कीमतों में उछाल आता है तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

सीमित हैं तेल के भंडार, डोनाल्ड ट्रंप की गलती से सबकुछ हो सकता है तबाह… एक्सपर्ट्स की चेतावनी ने डराया
एक्सपर्ट्स की चेतावनी ने डराया

US-Iran War: ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में तबाही मच चुकी है। ईरान ने खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलें बरसाई हैं और यह युद्ध लंबा खिंचता दिख रहा है। इसे लेकर एक्सपर्ट्स की चेतावनी डराने वाली है। भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को रोकना बेहद जरूरी हो गया है क्योंकि इस युद्ध की दुनिया भर के देशों को असहनीय कीमत चुकानी पड़ रही है।

सिब्बल ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करके बहुत बड़ी गलती कर दी है और इजराइल भी इस गलती से उसका साथ दे कर गलती कर रहा है। सिब्बल ने आगे कहा कि तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो 'ग्लोबल साउथ', यूरोप और अमेरिका सहित दुनिया पर इस संघर्ष के वैश्विक असर होंगे।

ईरान का संंकल्प और मजबूत हो गया- सिब्बल

सिब्बल ने बेंगलुरु के थिंक-टैंक 'साइनर्जिया' द्वारा एक राष्ट्रीय सम्मेलन के इतर पीटीआई से कहा कि इजरायल और अमेरिका के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हाल में हुई मौत ने ईरान के जवाबी कार्रवाई के संकल्प को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से यह जंग जारी है।

सिब्बल ने कहा, ''मुझे लगता है कि इस संघर्ष को रोकना आवश्यक है क्योंकि इस युद्ध की जो कीमत दुनिया भर के देशों को चुकानी पड़ रही है, वह असहनीय है।'' उन्होंने कहा, ''वैश्विक अर्थव्यवस्था तेल और गैस से चलती है। अगर इसकी आपूर्ति में व्यवधान आता है, अगर आपूर्ति पर्याप्त नहीं रहती है और अगर कीमतों में उछाल आता है तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और इसका असर सिर्फ भारत, 'ग्लोबल साउथ' या विकासशील देशों पर ही नहीं पड़ेगा, यूरोप और अमेरिका को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पेट्रोल पंपों पर कीमतें पहले ही कई सेंट बढ़ चुकी हैं...।''

सबकुछ हो सकता है ठप?

पूर्व सचिव ने कहा कि अब सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, जापान और अन्य देशों ने भी अपने भंडार खोल दिए हैं ताकि कीमतें कम हो सकें और अमेरिका रूसी तेल खरीदने पर भारत पर जिन प्रतिबंधों की धमकी दे रहा था, वह उनसे 'पीछे हट गया' है और उसने भारत से वैश्विक कीमतों को स्थिर रखने के लिए रूसी तेल खरीदने को कहा है। उन्होंने कहा, ''लेकिन यह केवल अस्थायी है।... अगर युद्ध जारी रहता है तो वे अपने भंडार को वैश्विक बाजार में लगातार उपलब्ध नहीं करा सकते। आखिरकार, ये भंडार सीमित हैं।... मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी गलती है, बहुत बड़ी गलती, जो ट्रंप ने ईरान पर हमला करके की है और इजरायल ने भी।''

सिब्बल ने कहा कि अमेरिका के हमलों की किसी ना किसी चरण पर प्रतिक्रिया होगी। उन्होंने कहा, ''और अगर जवाब में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में दो पोत डुबो देता है या उसमें बारूदी सुरंगें बिछा देता है या खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली पर हमला शुरू कर देता है तो क्या होगा? सब कुछ ठप हो जाएगा। बैंकिंग प्रणाली, वित्तीय प्रणाली, इंटरनेट प्रणाली, सब कुछ ठप हो जाएगा।''

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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