ईरान के खिलाफ जमीनी अभियान के मूड में ट्रंप, परमाणु ठिकानों पर कब्जे की तैयारी?
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध अभी तक मिसाइलों और ड्रोन्स से लड़ा जा रहा था। लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में है। अभियान के पीछे अमेरिका की मंशा ईरान के परमाणु ठिकानों पर कब्जे की है।

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध अभी तक मिसाइलों और ड्रोन्स से लड़ा जा रहा था। लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में है। हालांकि अभी यह लिमिटेड स्तर पर होगा। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका में इस तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में छोटी संख्या में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर गंभीर रुचि दिखाई है। बताया जा रहा है जमीनी अभियान चलाकर अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर कब्जे की तैयारी में है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से एनबीसी न्यूज ने यह खबर प्रकाशित की है।
क्या है अमेरिका का प्लान
रिपोर्ट के अनुसार, वाइट हाउस के बाहर ट्रंप के करीबी समूह और रिपब्लिकन सहयोगियों के साथ बातचीत हुई है। इसमें बड़े पैमाने पर हमले की जगह, सैनिकों की सीमित तैनाती पर ध्यान दिया गया है। इसमें सैनिकों को सीमित रूप से रणनीति बनाकर तैनात किया जा सकता है। एक अलग रिपोर्ट में, एक्सिओस ने कहाकि अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के बाद के चरण में ईरान में विशेष बल भेजने की संभावना पर चर्चा की है, ताकि यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित किया जा सके। ऐसे ऑपरेशन में सैनिकों को भारी किलेबंद भूमिगत सुविधाओं में प्रवेश करना पड़ सकता है, जहां यह यूरेनियम जुटाकर रखे जाने की संभावना है।
क्या है अमेरिका की चिंता
गौरतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों के बीच एक मुख्य चिंता ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को लेकर है। इसका अनुमानित वजन लगभग 450 किलोग्राम है और यह करीब 60 फीसदी शुद्ध है। अगर इसे और समृद्ध किया गया तो कुछ हफ्तों में यह हथियार-ग्रेड यूरेनियम में बदल सकती है। अमेरिकी कांग्रेस की ब्रीफिंग के दौरान जब पूछा गया तो विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संभावित जमीनी ऑपरेशन की ओर संकेत दिया। उन्होंने कहाकि लोगों को जाकर इसे प्राप्त करना होगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन सा देश अपनी सेनाओं के जरिए यह मिशन पूरा कर सकता है।
ट्रंप ने क्या कहा
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने दो संभावित विकल्पों की समीक्षा की है: या तो ईरान से यूरेनियम को पूरी तरह से हटाना या साइट पर इसे पतला करने के लिए परमाणु विशेषज्ञों को भेजना। किसी भी मिशन में उच्च प्रशिक्षित ऑपरेटरों के साथ-साथ परमाणु विशेषज्ञों की भागीदारी संभव है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के वैज्ञानिक भी शामिल हो सकते हैं।
बताया जाता है कि ट्रंप प्रशासन ने दो संभावित विकल्पों की समीक्षा की है। या तो ईरान से यूरेनियम को पूरी तरह से हटाना या साइट पर इसे डायलूट करने के लिए परमाणु विशेषज्ञों को भेजना। किसी भी मिशन में उच्च प्रशिक्षित ऑपरेटरों के साथ-साथ परमाणु विशेषज्ञों की भागीदारी संभव है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के वैज्ञानिक भी शामिल हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने जमीनी अभियान की संभावना खारिज नहीं की है, हालांकि उन्होंने बड़ी तैनाती की बात नहीं कही है। एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहाकि जमीनी सैनिकों का इस्तेमाल बड़े लक्ष्य के लिए होगा।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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