ईरान पर हमला तय? अमेरिका ने मिडिल ईस्ट तक बना लिया हवाई पुल’, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
रिपोर्ट्स के मुताबिक कई तरह के फाइटर जेट तैनात किए गए हैं। जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस, इटली के एवियानो एयर बेस और साउथ कैरोलिना के मैकएंटायर जॉइंट नेशनल गार्ड बेस से F-16 फाइटिंग फाल्कन मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं।

US Iran Tension: परमाणु वार्ता को लेकर किसी भी तरह प्रगति ना होने के बाद अब एक बार फिर ईरान ओर अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ गई है। दोनों देशों के बीच बीते कई दिनों से तनाव बढ़ा हुआ है जहां बातचीत का रास्ता खुला तो है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। बीते शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह एक बार फिर ईरान पर हमला करने पर विचार कर रहे हैं। इस बीच अब मिडिल ईस्ट की सैटेलाइट तस्वीरों से हैरतअंगेज खुलासा हुआ है। तनाव के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट तक एक हवाई पुल बना लिया है।
न्यूज 18 ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि इस इलाके में लोगों, हथियारों और इक्विपमेंट को ले जाने वाले विमानों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। एक फ्लाइटरडार वीडियो में इसका प्रमाण भी नजर आ रहा है। इस वीडियो में अमेरिका और मिडिल ईस्ट के पास फाइटर जेट, एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के आइकॉन अमेरिकी बेस से निकलते हुए दिखते हैं।
‘एयर ब्रिज’ तैयार
इन विमानों का रास्ता एक लगातार स्ट्रीम की तरह नजर आ रहा है जो अटलांटिक के पार एक डिजिटल ‘एयर ब्रिज’ यानी हवाई पुल जैसी आकृति है। यह पुल यूरोप और मेडिटेरेनियन के ऊपर से गुजरता है। इससे पहले अमेरिका ने इस इलाके में अपने युद्धपोत भी भेज रखे हैं।
क्यों निश्चित माना जा रहा हमला?
रिपोर्ट के मुताबिक कई तरह के फाइटर जेट भी तैनात किए गए हैं। जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस, इटली के एवियानो एयर बेस और साउथ कैरोलिना के मैकएंटायर जॉइंट नेशनल गार्ड बेस से F-16 फाइटिंग फाल्कन मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं ब्रिटेन में RAF लैकेनहीथ में F-15E स्ट्राइक ईगल्स और वर्जीनिया में जॉइंट बेस लैंग्ली-यूस्टिस में F-22 रैप्टर्स भी तैनात किए गए हैं। यह इसीलिए अहम है क्योंकि ये एयरक्राफ्ट पहले भी ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमलों और दूसरे अहम अभियानों में हिस्सा ले चुके हैं। पिछले साल ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान भी इन विमानों का इस्तेमाल किया गया था।
अगले दौर की वार्ता कब?
इन सब के बीच ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। बद्र अल-बुसैदी ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए खुशी हो रही है कि 'समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है'। ओमान ने इससे पहले जिनेवा में हुई वार्ता की भी मेजबानी की थी।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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