आज ही सारे प्रतिबंध हटा दो तो हम… परमाणु क्षमता पर ईरान की बड़ी पेशकश, क्या बोले न्यूक्लियर चीफ?

Feb 10, 2026 07:16 am ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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इस्लामी ने कहा है कि अगर ईरान आईएईए की देखरेख में है, उसके पास एजेंसी का प्रमाण पत्र है और वह एजेंसी के भरोसेमंद ढांचे का हिस्सा है तो आईएईए अमेरिकी हमले पर चुप नहीं रह सकता।

आज ही सारे प्रतिबंध हटा दो तो हम… परमाणु क्षमता पर ईरान की बड़ी पेशकश, क्या बोले न्यूक्लियर चीफ?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के बाद बीते दिनों दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आने को तैयार हो गए। इस बीच अब ईरान के न्यूक्लियर चीफ ने बड़ी बात कही है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि अगर ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा लिए जाते हैं तो ईरान अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को डायल्यूट यानी विलय करने पर विचार कर सकता है। बता दें कि यूरेनियम को विलय करने का मतलब है उसे 'ब्लेंड मटेरियल' के साथ मिलाना ताकि उसका संवर्धन स्तर कम हो जाए। इससे यूरेनियम का अंतिम रूप एक तय संवर्धन सीमा से ज्यादा नहीं होता।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ईरानी समाचार एजेंसी में सोमवार को इस्लामी के हवाले से कहा कि ईरान और अमेरिका राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ परमाणु मुद्दों पर भी चर्चा कर रहे हैं। इस्लामी ने कहा कि 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को डायल्यूट करने की कोई भी संभावना प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाने पर निर्भर है। उन्होंने कहा, “निष्कर्ष के तौर पर, 60 फीसदी एनरिच्ड यूरेनियम को डाइल्यूट करने की संभावना के बारे में… यह इस बात पर निर्भर करता है कि बदले में सभी प्रतिबंध हटाए जाएंगे या नहीं।”

एएफपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल जून में ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल के हमलों से पहल ईरान 60 फीसदी तक यूरेनियम को एनरिच कई लिया था। यह 2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत बने 3.67 फीसदी की सीमा से कहीं ज्यादा था। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के अनुसार ईरान एकमात्र गैर-परमाणु-हथियार वाला देश है जो यूरेनियम को 60 फीसदी तक एनरिच कर रहा है।

ईरानी न्यूक्लियर चीफ ने इस दौरान यह भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ ईरान के संबंध बने गए हैं। उन्होंने कहा कि जून 2025 में ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के सैन्य हमले के संबंध में एजेंसी की एक अनसुलझी जिम्मेदारी है। रिपोर्ट में इस्लामी के हवाले से कहा गया कि अगर ईरान आईएईए की देखरेख में है, उसके पास एजेंसी का प्रमाण पत्र है और वह एजेंसी के भरोसेमंद ढांचे का हिस्सा है तो आईएईए इस घटना पर चुप नहीं रह सकता।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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