तेहरान पर कभी नरम, तो कभी गरम; ट्रंप ने दिए ईरान संग दूसरे दौर की बातचीत के संकेत; क्या कहा?

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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US IRAN LATEST NEWS: ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता, खासकर उसकी नेवी क्षमता पहले से काफी कम हो गई है। ट्रंप ने कहा, एक कठिन और समझदार देश के खिलाफ अमेरिकी सैनिकों ने लड़ाई लड़ी और उसे कमजोर कर दिया।

तेहरान पर कभी नरम, तो कभी गरम; ट्रंप ने दिए ईरान संग दूसरे दौर की बातचीत के संकेत; क्या कहा?

US IRAN LATEST NEWS: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी गरम तो कभी नरम दिखाई देते हैं। उन्होंने अपने बदले हुए तेवर को दिखाते हुए शुक्रवार (17 अप्रैल) को संकेत दिया है कि जल्द ही ईरान संग दूसरे दौर की शांति वार्ता हो सकती है। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को एक 'कठिन' और 'स्मार्ट देश' बताया और कहा कि तेहरान के साथ बातचीत का अगला दौर इसी वीकेंड हो सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ट्रंप ने कूटनीतिक सफलता को लेकर सावधानी भरा आशावाद भी दिखाया है। उन्होंने संकेत दिया कि पिछली असफलताओं के बावजूद बातचीत जल्द ही फिर से शुरू हो सकती है।

दूसरी तरफ ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता, खासकर उसकी नेवी क्षमता पहले से काफी कम हो गई है। ट्रंप ने कहा, एक कठिन और समझदार देश के खिलाफ अमेरिकी सैनिकों ने लड़ाई लड़ी और उसे कमजोर कर दिया। ये लोग लड़ाके थे, और आप जानते हैं, मैं किसी बात का दावा होने से पहले ही नहीं करना चाहता, लेकिन उनके (ईरान के) पास अब कोई नौसेना नहीं बची है। 158 जहाज समुद्र की तलहटी में समा गए हैं। 158, जरा सोचिए।"

फिर मेजबानी की तैयारी में जुटा पाकिस्तान

इसी बीच, पाकिस्तान ने अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी की तैयारी शुरू कर दी है। यह वार्ता पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण शांति समझौते को लेकर हो रही है, जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अमेरिका और ईरान ने सप्ताहांत में पाकिस्तान में अप्रत्याशित रूप से प्रत्यक्ष वार्ता की थी, जिसका उद्देश्य संघर्ष की समाप्ति था, लेकिन यह बातचीत रविवार तड़के बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई।

कूटनीतिक गतिविधियां भी शुरू

पाकिस्तान में आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि दोनों पक्षों को फिर से वार्ता की मेज पर लाने के लिए तेज कूटनीतिक गतिविधियां शुरू की गईं। दोनों देशों द्वारा अस्थायी दो सप्ताह के युद्धविराम का पालन जारी रखने से पाकिस्तान को अपनी मध्यस्थता फिर से शुरू करने का अवसर मिला। सुलह कराने के गुप्त प्रयासों के तहत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को तीन देशों की यात्रा पर रवाना हुए, जबकि उसी दिन फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे।

तुर्किए पहुंचे शहबाज शरीफ

प्रधानमंत्री शरीफ सऊदी अरब और कतर के नेताओं से चर्चा के बाद बृहस्पतिवार रात तुर्किये पहुंचे, जबकि फील्ड मार्शल ने ईरान में 24 घंटे से अधिक समय बिताकर वहां के राजनीतिक और सैन्य नेताओं से मुलाकात की। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, पाकिस्तान के असैन्य और सैन्य नेताओं की वार्ताओं के परिणाम पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन बृहस्पतिवार शाम से सुरक्षा अधिकारी अचानक सक्रिय हो गए। इस्लामाबाद के अधिकारियों के अनुसार, ''इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी में तैयारियां शुरू हो गई हैं और अन्य प्रांतों से हजारों पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के जवान पहुंचने लगे हैं।''

इस्लामाबाद में फिर सुरक्षा कड़ी

परंपरागत रूप से इस्लामाबाद प्रशासन बड़े सुरक्षा इंतजामों के समय प्रांतों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मांगता है। पहले दौर की वार्ता के दौरान 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। ऐसी भी खबरें हैं कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी जिलों के अधिकारियों ने परिवहन कंपनियों से संपर्क कर उन्हें सूचित किया है कि अन्य शहरों से आने वाले या दोनों शहरों से जाने वाले यातायात को भारी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश के अनुसार, एक बार लागू होने के बाद ये प्रतिबंध अगले सप्ताह के अंत तक जारी रह सकते हैं। इसमें नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अगले सप्ताह अनावश्यक यात्रा से बचें या पहले से ही अच्छी तरह योजना बना लें। अधिकारियों ने बताया कि सड़क यातायात कम करने के लिए दोनों शहरों में शैक्षणिक संस्थान बंद किए जा सकते हैं और हवाईअड्डे के आसपास के बाजार भी बंद हो सकते हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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