अमेरिका-इजरायल लड़ते रह गए, UK ने ईरान पर लिया तगड़ा ऐक्शन; IRGC आतंकी संगठन करार
अमेरिका और ईरान एक बार फिर आमने सामने हैं। दोनों एक दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं। ठीक उसी वक्त ब्रिटेन ने तेहरान पर सबसे बड़ा प्रहार कर दिया है। यूके सरकार ने सोमवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा घोषित कर उसे बैन करने का ऐलान कर दिया।

अमेरिका-इजरायल के साथ तनाव के बीच ईरान पर ब्रिटेन ने तगड़ा ऐक्शन लिया है। यूके सरकार ने सोमवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताते हुए उसे बैन करने का ऐलान कर दिया। साथ ही ईरान से जुड़े एक और समूह इस्लामिक मूवमेंट ऑफ कम्पैनियंस ऑफ द राइट (IMCR) पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है, जिस पर यहूदी समुदाय पर हमलों का आरोप है।
वही, प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने संसद में पेश किए जाने वाले नए कानून के बारे में कहा कि इन समूहों को समर्थन या मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब 14 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। नए कानून के तहत ब्रिटेन सरकार को विदेशी देशों के प्रॉक्सी गुर्गों पर 'रोक लगाने' जैसी व्यापक शक्तियां मिलेंगी, जिससे जासूसी, तोड़-फोड़, लोकतंत्र में दखल और भौतिक हमलों जैसे खतरों का मुकाबला करना आसान हो जाएगा।
रूस की GRU और IMCR भी बैन की लिस्ट में
बताया जा रहा है कि बैन की लिस्ट में रूस की GRU मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी से जुड़े प्रॉक्सी और वॉलंटियर्स के साथ-साथ हरकत अशब अल-यामीन अल-इस्लामिया भी शामिल है। IMCR ने लंदन में यहूदी संपत्तियों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। होम ऑफिस ने बयान जारी कर कहा कि यह कदम विदेशी ताकतों से जुड़े खतरों (जिसमें जासूसी, विदेशी दखल, तोड़-फोड़ और हमले शामिल हैं ) के खिलाफ हमारी क्षमता को और मजबूत करेगा। होम ऑफिस मंत्री एंजेला ईगल ने लिखित बयान में कहा कि यूके ने IRGC से जुड़ी उन गतिविधियों की पहचान की है, जिनमें ब्रिटिश धरती पर लोगों की जान को खतरा और डराने-धमकाने की घटनाएं शामिल हैं।
यहूदी विरोधी हमलों के बाद कार्रवाई
यह घोषणा इस साल की शुरुआत में लंदन में हुए एक के बाद एक यहूदी विरोधी (एंटीसेमिटिक) हमलों के बाद हुई है। इन हमलों में सिनेगॉग, यहूदी कम्युनिटी की एम्बुलेंस और अन्य यहूदी स्थानों पर आगजनी की घटनाएं शामिल हैं। होम ऑफिस ने कहा कि नॉर्थ लंदन में हुए घिनौने एंटीसेमिटिक हमलों के बाद सरकार ने नए कानूनी अधिकार लाने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी। होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने साफ कहा कि ईरान और रूस हमारे तटों पर अपना गंदा खेल खेलने के लिए प्रॉक्सी और गुंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैंने तीन समूहों को चिन्हित किया है ताकि उनके लिए काम करने वालों को ट्रैक कर जेल भेजा जा सके।”
गौरतलब है कि पिछले महीने ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय देशों समेत 22 देशों ने IRGC और उसकी विदेशी ऑपरेशंस ब्रांच कुद्स फोर्स पर ईरानी विरोधियों, पत्रकारों और यहूदी समुदायों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था। IMCR ने हत्जोला यहूदी चैरिटी की चार एम्बुलेंसों पर आग लगाने समेत कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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