ग्रीनलैंड की पूरी आबादी को खरीदने की तैयारी में अमेरिका, हर नागरिक को 1 लाख डॉलर देंगे ट्रंप!

Jan 09, 2026 07:08 am ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए प्रति व्यक्ति 10,000 डॉलर से 1 लाख डॉलर तक की रकम पर चर्चा की है। इससे पहले वाइट हाउस की प्रवक्ता ने भी कहा है कि ट्रंप इस देश को खरीदने की योजना बना रहे हैं।

ग्रीनलैंड की पूरी आबादी को खरीदने की तैयारी में अमेरिका, हर नागरिक को 1 लाख डॉलर देंगे ट्रंप!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब एक देश की पूरी आबादी को ही खरीदने की योजना बना रहे हैं। यह देश है ग्रीनलैंड। बीते कुछ दिनों से ग्रीनलैंड के पीछे पड़े ट्रंप ने कई बार दोहराया है कि ग्रीनलैंड सुरक्षा के लिहाज से अमेरिका के लिए बेहद अहम है और अमेरिका को हर हाल में इस देश की जरूरत है। अब अपनी इस जरूरत को पूरा करने के लिए अमेरिका ने ग्रीनलैंड के 57 हजार नागरिकों की कीमत तय कर दी है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने ग्रीन लैंड के लोगों को एकमुश्त राशि भेजने पर चर्चा की है ताकि उन्हें डेनमार्क से अलग होने और अमेरिका में शामिल होने के लिए मनाया जा सके। जानकारी के मुताबिक वाइट हाउस के सहयोगियों और अमेरिकी अधिकारियों ने प्रति व्यक्ति 10,000 डॉलर से 1,00,000 डॉलर तक की रकम पर चर्चा की है, यानी अमेरिका इसके लिए कुल 6 बिलियन डॉलर तक खर्च कर सकता है।

इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने कई मौकों पर यह कहा है कि ग्रीनलैंड को अमेरिका से मिलाने के लिए कोई भी रास्ता अपनाया जा सकता है और जरूरत पड़ी तो सेना का प्रयोग भी किया जाएगा। एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भी इस तरफ इशारा किया था कि ट्रंप और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोगी देख रहे हैं कि संभावित खरीद कैसी दिखेगी।

'….तो खत्म हो जाएगा नाटो'

इस बीच कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को लेकर अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। एक संयुक्त बयान जारी कर इन देशों ने अमेरिका को चेतावनी दी है। इस बयान को फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, स्टार्मर और डेनमार्क ने मिलकर जारी किया है। बयान में कहा गया है, "ग्रीनलैंड यहां के लोगों का है और इसका फैसला सिर्फ यहां के लोग करेंगे।” वहीं डेनमार्क ने यह तक कह दिया है कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता पर कोई भी हमला हुआ तो नाटो खत्म हो जाएगा।

अमेरिका को क्यों चाहिए ग्रीनलैंड?

ग्रीनलैंड खनिज संपदा से भरपूर है। ग्रीनलैंड में पाए जाने वाले रेयर अर्थ मिनरल मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी और अन्य हाईटेक उपकरणों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। फिलहाल इन अहम खनिजों की सप्लाई पर चीन का एकछत्र राज है। इसलिए ग्रीनलैंड के खनिज अमेरिका के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति अहम है। ग्रीनलैंड का करीब 80 फीसदी हिस्सा आर्कटिक सर्कल के ऊपर है और इसकी स्थिति आर्कटिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा किया था, ताकि यह नाजी जर्मनी के हाथ ना लगे और उत्तरी अटलांटिक समुद्री रास्तों की सुरक्षा की जा सके। शीत युद्ध के बाद आर्कटिक क्षेत्र सहयोग का इलाका बना रहा, लेकिन अब जलवायु परिवर्तन के चलते बर्फ पिघल रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए नए समुद्री रास्ते खुलने की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही रूस, चीन और अन्य देशों के बीच इस इलाके के खनिज संसाधनों और पहुंच को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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