अमेरिका में ‘ग्रीन कार्ड’ की राह होगी मुश्किल, भारतीय प्रवासियों पर कितना असर?

लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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अमेरिका में ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास की इच्छा रखने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस फैसले का असर ग्रीन कार्ड पाने की उम्मीद लगाए भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ेगा।

US Green Card
अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए होने वाली है मुश्किल।

अमेरिका में ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास की इच्छा रखने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वजह, ट्रंप प्रशासन ने ‘पब्लिक चार्ज’ (सरकार पर निर्भरता) की परिभाषा को व्यापक बना दिया है। इससे सरकार से स्वास्थ्य सेवा, ‘फूड स्टैम्प’ (मुफ्त राशन) या किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता लेने वाले आवेदकों के आवेदन खारिज किए जा सकेंगे। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) द्वारा अंतिम रूप दिया गया यह नया नियम 18 सितंबर से प्रभावी होगा। इस फैसले का असर ग्रीन कार्ड पाने की उम्मीद लगाए भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ेगा।

पहले क्या था नियम

इससे पहले लागू नियम के तहत केवल दो तरह के सरकारी लाभों को ग्रीन कार्ड आवेदन खारिज करने का आधार माना जाता था। इनमें गुजारा भत्ते के लिए नकद सरकारी सहायता और सरकारी खर्चे पर लंबे समय तक किसी सरकारी संस्थान या आश्रम में रहना शामिल है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक पब्लिक चार्ज के आधार पर अयोग्यता तय करने के लिए यूएससीआईएस अधिकारी आवेदक की स्थिति का आकलन करेंगे। इसमें आवेदक द्वारा नकद सहायता, आवास सहायता, मुफ्त राशन, कॉलेज के लिए वित्तीय मदद या ऐसी ही अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने की संभावना पर विचार किया जाएगा।

कब आया है निर्देश

यह दिशा-निर्देश गृह सुरक्षा विभाग द्वारा बाइडन प्रशासन के 2022 के ‘पब्लिक चार्ज’ नियमों को रद्द करने के फैसले के बाद आए हैं। इस नियम को 16 जुलाई को घोषित किया गया था और 20 जुलाई को ‘फेडरल रजिस्टर’ में प्रकाशित किया गया था। यह नया नियम 18 सितंबर को या उसके बाद डाक द्वारा भेजे जाने वाले या ऑनलाइन जमा किए जाने वाले ‘फॉर्म आई-485’ (स्थायी निवास या स्थिति के समायोजन के आवेदन) पर लागू होगा।

क्या कहते हैं नए नियम

नए नियमों के तहत अधिकारियों को आवेदक की उम्र, स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति, वित्तीय स्थिति, शैक्षणिक योग्यता और यहां तक कि आवेदक के आश्रितों द्वारा ली जाने वाली सरकारी सुविधाओं को भी आवेदन खारिज करने का आधार बनाने का अधिकार होगा। यदि कोई अधिकारी यह पाता है कि आवेदक के भविष्य में सरकार सहायता पर निर्भर बनने की संभावना है, तो वह आवेदक को ‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’ जमा करने के लिए कह सकता है। आव्रजन वकीलों साइरस मेहता और दमीरा जानातोवा के विश्लेषण के अनुसार यह नया नियम अधिकारियों को ग्रीन कार्ड आवेदनों को खारिज करने के लिए और अधिक अधिकार प्रदान करेगा।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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