अमेरिका-रूस में और बढ़ी दुश्मनी, US नेवी ने नाटकीय अंदाज में रूसी झंडा लगे तेल टैंकर पर किया कब्जा

Jan 07, 2026 09:30 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमेरिकी सेना की यूरोपीय कमांड ने X पर एक बयान पोस्ट करके इस ऑपरेशन की पुष्टि की। बयान में कहा गया है कि न्याय विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और रक्षा विभाग ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए टैंकर को ज़ब्त किया है।

अमेरिका-रूस में और बढ़ी दुश्मनी, US नेवी ने नाटकीय अंदाज में रूसी झंडा लगे तेल टैंकर पर किया कब्जा

वेनेजुएला पर अमेरिकी अभियान के बाद रूस और वॉशिंगटन के बीच बढ़ी तनातनी अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी नेवी ने करीब दो हफ्ते से ज्यादा समय तक पीछा करने के बाद उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूस का झंडा लगे मरीनरा नामक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। अमेरिकी नौसेना की इस कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। बड़ी बात यह है कि अमेरिकी नेवी ने यह कदम उन रिपोर्टों के बीच उठाया है जिसमें कहा गया है कि मॉस्को ने इस तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए अपनी पनडुब्बी और नौसैनिक बलों को वहां तैनात किया था, ताकि उसे बचाया जा सके लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

बता दें कि यह जहाज वेनेजुएला का है, जिस पर रूसी झंडा लगाया गया था और आननफानन में उसका नाम बदल दिया गया था और उसे रूसी टैंकर बना दिया गया था। अमेरिकी नौसेना की यूरोपीय कमांड ने X पर एक बयान पोस्ट करके इस ऑपरेशन की पुष्टि की। बयान में कहा गया है कि न्याय विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और रक्षा विभाग ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए टैंकर को जब्त कर लिया है।

अमेरिका ने क्या कहा?

बयान में कहा गया है, "यह ज़ब्ती @POTUS की उस घोषणा का समर्थन करती है जो प्रतिबंधित जहाजों को निशाना बनाती है और जो पश्चिमी गोलार्ध की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पहुंचाते हैं। यह ऑपरेशन DHS के घटकों द्वारा @DeptofWar के समर्थन से किया गया हैा, जो मातृभूमि की रक्षा के लिए पूरे सरकारी दृष्टिकोण को दिखाता है।"

मरीनरा के आस-पास कोई रूसी जहाज़ नहीं था

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने X पर पोस्ट को फिर से शेयर करते हुए कहा, “प्रतिबंधित और अवैध वेनेज़ुएला के तेल की नाकेबंदी पूरी तरह से प्रभावी है - दुनिया में कहीं भी।” न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि जब अमेरिकी कोस्ट गार्ड रूसी झंडा लगे जहाज पर चढ़े, तो मरीनरा के आस-पास कोई रूसी जहाज़ नहीं था। इससे अमेरिकी और रूसी सेनाओं के बीच संभावित टकराव टल गया।

अमेरिकी सैनिकों ने उस जहाज पर चढ़ने की कोशिश की

उधर, रूस के सरकारी ब्रॉडकास्टर RT ने दो धुंधली तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें एक हेलीकॉप्टर टैंकर के पास आता दिख रहा है। इसमें कहा गया है कि एक ऑपरेशन चल रहा है। रॉयटर्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह भी बताया कि अमेरिकी सेना उस जहाज पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी। मूल रूप से बेला 1 नाम के इस टैंकर पर 2024 में अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में इसका नाम बदलकर मरीनरा कर दिया गया। यह ईरान से वेनेज़ुएला जा रहा था। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, इसने वेनेज़ुएला के पानी के पास चल रहे प्रतिबंधों से प्रभावित तेल टैंकरों को ज़ब्त करने के लिए अमेरिकी नाकाबंदी से बचने की कोशिश करने के बाद अपना रास्ता बदल लिया और अटलांटिक की ओर वापस चला गया था।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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