
भारत हमेशा हमारी हर बात... ट्रंप की सोच को बेवकूफी वाली बता क्या बोले अमेरिकी एक्सपर्ट
अमेरिकी एक्सपर्ट ने कहा कि किसी भी देश से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने हितों की सीमाओं से आगे बढ़ेगा। ऐसा लगता है कि हम यह नहीं समझते हैं। हमें पार्टनरशिप या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप में कोई दिलचस्पी नहीं है।
India US Relations: ट्रेड डील को लेकर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच, रिटायर्ड अमेरिकी सेना के कर्नल और डिफेंस एक्सपर्ट डगलस मैकग्रेगर ने शनिवार को कहा कि भारत हमेशा हमारी (अमेरिका) हर बात से सहमत नहीं होगा, क्योंकि कोई भी देश अपने हितों की सीमाओं से आगे नहीं बढ़ेगा। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में, रिटायर्ड कर्नल मैकग्रेगर ने रूस के साथ बिजनेस करने के लिए किसी देश के साथ रिश्ते खराब करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की और इसे बेवकूफी वाली सोच बताया। ट्रंप ने मॉस्को के साथ नई दिल्ली के तेल व्यापार के जवाब में भारत के सामानों के आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।
भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में पूछे जाने पर, मैकग्रेगर ने कहा, "तो हमारी (अमेरिका की) यह आदत है कि या तो आप हमारे साथ हैं या हमारे खिलाफ।' (पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति) जॉर्ज वॉशिंगटन ने कुछ ऐसा कहा था जिससे हम पिछले 25-30 सालों में दूर हो गए हैं। किसी भी देश से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने हितों की सीमाओं से आगे बढ़ेगा। ऐसा लगता है कि हम यह नहीं समझते हैं। हमें पार्टनरशिप या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह समझ लें कि भारत हमेशा हमारी हर बात या हम जो कुछ भी करना चाहते हैं, उससे सहमत नहीं होगा।"
उन्होंने आगे कहा, "ट्रेड, कॉमर्स और सिक्योरिटी के मामलों में, सहयोग और बिजनेस करने की वजह है। तो आइए उस पर ध्यान दें। वॉशिंगटन में ऐसे काम नहीं होता। यह एक बेवकूफी वाली सोच है जो कहती है, अगर आप रूस के साथ बिजनेस करेंगे, तो हम आपके खिलाफ हैं।" भारत-अमेरिका संबंधों पर कमेंट करते हुए, डिफेंस एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से रूस का सहयोगी रहा है। उन्होंने कहा कि किसी को भी उम्मीद नहीं है कि भारत और चीन के बीच युद्ध होगा।
उन्होंने कहा, "भारत ऐतिहासिक रूप से रूस का सहयोगी रहा है, भले ही वह गुटनिरपेक्ष हो। दूसरी बात, कोई नहीं सोचता कि चीनी भारत पर हमला करेंगे। हर कोई बॉर्डर पर होने वाली झड़पों को सिर्फ झड़पें मानता है। बॉर्डर कहां से गुजरता है, इस पर विचारों में कोई सहमति नहीं है। लेकिन किसी को भी उम्मीद नहीं है कि चीन और भारत के बीच युद्ध होगा। साथ ही, रूसियों को इंटरनेशनल फोरम में भारत से लगातार सपोर्ट मिलता रहा है।"

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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