
तेल टैंकर पर लगा था रूसी झंडा, बीच समुद्र अमेरिका ने कर लिया कब्जा; भड़का रूस बोला- ये तो डकैती है
पोत परिवहन के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान, बेला 1 का नाम बदलकर मेरिनेरा कर दिया गया और उस पर रूस का झंडा लगा दिया गया। अमेरिकी अधिकारी ने यह पुष्टि भी की कि जहाज के चालक दल ने उस पर रूसी झंडा चित्रित किया था।
अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक और कैरेबियन में एक के बाद एक की गई दो कार्रवाइयों में वेनेजुएला से जुड़े दो प्रतिबंधित तेल टैंकरों को बीच समुद्र जब्त कर लिया। अमेरिका- यूरोपीय कमान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ‘अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन’ के आरोप में व्यापारिक पोत बेला-1 को जब्त करने की घोषणा की। इस तेल टैंकर का आनन-फानन में नाम बदल दिया गया था और उस पर रूस का बड़ा सा झंडा लगा दिया गया था। अमेरिका पिछले महीने से इस टैंकर का पीछा कर रहा था, क्योंकि इसने वेनेजुएला के आसपास प्रतिबंधित तेल जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश की थी।
अमेरिका की इस कार्रवाई से रूस भड़क गया है। तास सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार, सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के एक सीनियर रूसी सांसद आंद्रेई क्लिशस ने अमेरिकी कार्रवाई को खुली डकैती बताया है। रूस के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी नौसेना बलों के जहाज़ पर चढ़ने के बाद उसका 'मरीनेरा' जहाज से सारा संपर्क टूट गया था। वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने घटना से पहले कहा था कि वह रूसी तेल टैंकर मेरिनेरा को लेकर विकसित हुई असामान्य स्थिति पर ‘चिंता के साथ नजर रख रहा है’। रूस की आधिकारिक समाचार एजेंसी तास ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया, ‘‘पिछले कई दिनों से, अमेरिकी तटरक्षक बल का एक जहाज मेरिनेरा का पीछा कर रहा है, जबकि हमारा जहाज अमेरिकी तट से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है।’’
इसके बाद, अमेरिका की गृह मंत्री क्रिस्टी नोएम ने खुलासा किया कि अमेरिकी सेना ने कैरिबियन में टैंकर सोफिया पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया है। नोएम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोनों जहाज ‘‘या तो आखिरी बार वेनेजुएला में रुके थे या उसकी ओर जा रहे थे।’’ एक अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को एसोसिएटेड प्रेस को पहचान जाहिर नहीं होने के अनुरोध के साथ बताया कि अमेरिकी सेना ने बेला-1 को जब्त कर लिया और बाद में इसका नियंत्रण कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सौंप दिया।
ईरान समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला से जुड़ी एक कंपनी के लिए माल की तस्करी करने के आरोप में इस जहाज पर 2024 में अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया था। दिसंबर में जब यह जहाज वेनेजुएला की ओर जा रहा था, तब अमेरिकी तटरक्षक बल ने कैरिबियन सागर में इस पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की थी लेकिन तब यह बच निकला था और अटलांटिक महासागर की ओर बढ़ गया था।
पोत परिवहन के आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान, बेला 1 का नाम बदलकर मेरिनेरा कर दिया गया और उस पर रूस का झंडा लगा दिया गया। अमेरिकी अधिकारी ने यह पुष्टि भी की कि जहाज के चालक दल ने उस पर रूसी झंडा चित्रित किया था। स्वतंत्र आधार पर समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइटों ने बुधवार को इस जहाज की स्थिति स्कॉटलैंड और आइसलैंड के बीच बताई थी, जो उत्तर की ओर बढ़ रहा था। अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि जहाज उत्तरी अटलांटिक में था। अमेरिकी सैन्य विमान उस जहाज के ऊपर से उड़ान भर चुके हैं, और मंगलवार को रॉयल एयर फोर्स के एक निगरानी विमान को उड़ान-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर उसी क्षेत्र के ऊपर से उड़ते हुए दिखाया गया था।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




