नेतन्याहू से मुलाकात के अगले दिन ही एक्शन में डोनाल्ड ट्रंप, US ने ईरान पर फिर किया अटैक
वाइट हाउस में ट्रंप और इजराइली पीएम नेतान्याहू की बैठक के तुरंत बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर भड़क गया है। इससे पहले ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बड़ा अटैक कर दिया था। इसके बाद ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वाइट हाउस में हुई मुलाकात के अगले ही दिन पश्चिम एशिया में तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है। कूटनीतिक बातचीत के बीच अमेरिका ने ईरान पर दोबारा हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका के मुताबिक यह कार्रवाई जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में की गई है। पहले से ही जारी तनातनी के बीच अब ताजा हमलों ने चिंताएं और बढ़ा दी है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू से करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत की थी। इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने रिश्ते को बेहद सकारात्मक भी बताया था। दोनों पक्षों ने एक बयान जारी कर ईरान पर एकजुटता का संदेश भी दिया था। यह अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी में शुरू हुए युद्ध के बाद से ट्रंप और नेतन्याहू की पहली मुलाकात थी।
इस बैठक के तुरंत बाद ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि दावा है कि अमेरिकी रक्षा प्रणालियों ने सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्थानीय समयानुसार बुधवार रात 8 बजे से ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए।
ट्रंप ने दी थी चेतावनी
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को करारा जवाब देगा और उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। बता दें कि इससे पहले दोनों पक्षों के बीच बीते जून महीने में हुआ समझौता पहले ही टूट गया था। अमेरिका ने जुलाई में करीब 2 सप्ताह तक ईरान पर लगातार हवाई हमले किए। हालांकि बीते एक सप्ताह से ये हमले रोक दिए गए थे। अब नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात के बाद ट्रंप दोबारा एक्शन ने आ गए हैं।
सऊदी ने भी खोला मोर्चा
इस बीच मंगलवार को सऊदी अरब ने भी ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित अर्धसैनिक संगठन पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कथित तौर पर संगठन के रसद और हथियार भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया था। इस दौरान कम से कम 20 लड़कों के मारे जाने की खबर है।
ट्रंप-नेतन्याहू की क्लोज्ड डोर मीटिंग
अमेरिका के ईरान पर बड़े हमले के बाद नेतन्याहू और ट्रंप की मीटिंग और चर्चा में आ गई है। मंगलवार को ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने ओवल ऑफिस में करीब 90 मिनट तक बातचीत हुई थी। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच हुए मतभेदों के बावजूद दोनों पक्षों ने बैठक के बाद ईरान के मुद्दे पर एकजुटता का संदेश दिया था। खास बात यह रही कि यह बैठक बंद कमरे में हुई।
इससे पहले ट्रंप सार्वजनिक रूप से कई बार नेतन्याहू की रणनीति पर नाराजगी जता चुके थे, हालांकि बैठक के बाद इजरायली सरकार ने कहा कि दोनों नेता ईरान के मुद्दे पर पूरी तरह सहमत हैं और उनके बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। इजरायली प्रवक्ता ने यह भी कहा कि यह दावा सही नहीं है कि इजरायल ईरान के मुद्दे पर अमेरिका को किसी खास दिशा में धकेल रहा है। इजरायल ने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति को यह नहीं बताते कि उन्हें क्या करना चाहिए और न ही किसी दिशा में दबाव डालते हैं। इजरायली प्रवक्ता के मुताबिक दोनों देशों का एकमात्र उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। वाइट हाउस की तरफ से भी ऐसा ही बयान सामने आया।


