ओमान में बातचीत खत्म होते ही US ने ईरान को दिया झटका, नए तेल प्रतिबंधों का ऐलान; सकते में तेहरान
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि ईरान तेल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल दुनिया भर में अस्थिर करने वाली गतिविधियों को फंड देने और ईरान के अंदर अपने दमन को बढ़ाने के लिए करता है।

US announces new Iran oil sanctions: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में अप्रत्यक्ष बातचीत खत्म होने के कुछ ही पलों बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए तेल प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया। इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान के तेल निर्यात को और सीमित करना बताया गया है। तेहरान इस कदम से सकते में है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान तेल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अस्थिरता फैलाने और अपने देश के भीतर दमन बढ़ाने में करता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के अवैध तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात को रोकने के लिए अपनी अधिकतम दबाव की नीति पर पूरी तरह कायम हैं। अमेरिका ने जिन 14 जहाजों को निशाना बनाया है, उन पर ईरानी तेल ढोने का आरोप है। इनमें तुर्किये, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के झंडे वाले जहाज भी शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा अमेरिका ने 15 कंपनियों और 2 व्यक्तियों पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन जहाजों और संस्थाओं से जुड़ा कोई भी लेन-देन अब अमेरिकी दायरे में अवैध माना जाएगा।
ट्रंप काल की सख्त नीति जारी
अमेरिका पहले भी ईरान पर इस तरह के प्रतिबंध लगाता रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही वॉशिंगटन की नीति रही है कि दुनिया का कोई भी देश ईरान से तेल न खरीदे। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाकर उसे अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर रुख बदलने के लिए मजबूर करना है। दिलचस्प बात यह है कि प्रतिबंधों की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ओमान में अमेरिका के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ परमाणु कार्यक्रम पर हुई अप्रत्यक्ष बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा है। हालांकि, अमेरिका ने बातचीत के बावजूद दबाव की नीति में कोई ढील नहीं दी।
तनाव की पृष्ठभूमि
दोनों पक्षों के बीच ओमान की मध्यस्थता में यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब ईरान में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी जन-आंदोलन जैसी घटनाओं को सरकार ने बलपूर्वक दबाया है। इसके अलावा अमेरिका ने ईरान के तटों के पास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रखी है और राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बल प्रयोग की चेतावनी भी दी है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की यह रणनीति साफ संकेत देती है कि वह एक तरफ कूटनीतिक बातचीत जारी रखना चाहता है, तो दूसरी ओर आर्थिक और सैन्य दबाव के जरिए ईरान को झुकाने की कोशिश भी कर रहा है।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




