ईरान के आगे झुक गया अमेरिका का यह साथी, 2 टन सोना और 3 बिलियन डॉलर भेजे, 15 प्लेन भी बेचे
अमेरिका के सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान की बिलियन्स डॉलर की संपत्तियों को जारी कर दिया है। इसके अलावा युद्ध के पहले से ही यूएई के बैंकों में पड़ा 2 टन ईरानी सोने को भी तेहरान भेज दिया गया है।

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्ध खाड़ी देशों के लिए एक महंगा सौदा बन गया है। अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर रहने वाले यह देश अब उसी की वजह से ईरान के हमलों का सामना कर रहे हैं। फरवरी से जारी इस युद्ध के बाद अब खाड़ी के बड़े देश अपनी सुरक्षा के लिए उपलब्ध विकल्पों की तलाश में हैं। इसी क्रम में सऊदी ने तुर्किए और पाकिस्तान के साथ डिफेंस समझौता किया है। तो वहीं अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी ईरान को हमला न करने के लिए मनाने की कोशिश करनी शुरू कर दी है।
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के लेखा-जोखा विभाग में काम करने वाले कई सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है कि संयुक्त अरब अमीरात ने अपने बैंकों में फ्रीज किया गया ईरान का पैसा रिलीज करना शुरू कर दिया है। इस संपत्ति में करीब 283 मिलियन डॉलर का सोना भी शामिल है, जो युद्ध शुरू होने के पहले यूएई के बैंकों में जमा था। इसके अलावा यूएई सरकार ने 15 कर्मशियल हवाई जहाजों को भी ईरान एयरलाइंस को बेचने की अनुमति दे दी है।
अभी तक इस मामले में यूएई या ईरान या फिर अमेरिका की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक यूएई सरकार की तरफ से इस कदम का मकसद युद्ध की स्थिति में हमलों से बचना है। यूएई इस युद्ध से खुद को अलग करना चाहता है। क्योंकि उसका मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच में समझौता नहीं होता है, तो वह एक बार फिर से निशाना बन सकता है।
अबू धाबी से ईरान भेजी गई संपत्ति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संपत्ति भेजने का यह पूरा घटनाक्रम 11 और 12 अगस्त को शुरू हुआ था। अबू धाबी एयरपोर्ट से दो विमानों ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट और कराज के पयाम एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी। यह उड़ान कई बार भरी गई।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब यूएई ने ईरान की संपत्ति जारी की हों। इससे पहले जून में भी संयुक्त अरब अमीरात ने 3 बिलियन डॉलर ईरान को ट्रांसफर किए थे।
15 विमान बेचने पर भी सहमति
संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान की संपत्ति जारी करने के अलावा पुराने विमानों को भी ईरानी एयरलाइंस को बेचने पर सहमति जताई है। इस फैसले के तहत UAE स्थित ECT एविएशन सपोर्ट ने सऊदी एयरलाइंस के पुराने बोइंग 777-268ER विमान ईरान को ट्रांसफर किए हैं।
इसके अलावा, अमीराती कंपनियों एयरोविज़न FZ और स्काईसोर्स FZ ने क्रमशः ईरानी एयरलाइंस को तीन बोइंग 737-300/500 विमान और दो पुराने कोंडोर एयरबस A320-212 विमान बेचे हैं। दो एयरबस A320 विमान पहले ही ईरान भेजे जा चुके हैं।
बता दें, ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध खाड़ी देशों के लिए बड़ी परेशानी खड़ा कर रहा है। अमेरिका के एयरबेस इन्हीं देशों में मौजूद हैं। ऐसे में ईरान जब पलटवार करने के लिए हमला करता है, तो वह हमला इन देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर किया जाता है। ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान इन खाड़ी देशों का ही होता है। इसके अलावा इन देशों का ऊर्जा व्यापार भी होर्मुज से होकर ही जाता है। फिलहाल होर्मुज पर अमेरिका और ईरान दोनों ही नाकेबंदी लगाए हुए हैं।


