गलवान झड़प के 7 दिन बाद चीन ने किया था न्यूक्लियर टेस्ट, अमेरिकी दावे से हड़कंप

Feb 07, 2026 09:21 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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चीन ने कॉम्प्रिहेंसिव न्यूक्लियर-टेस्ट-बैन ट्रीटी (CTBT) पर साइन किया है, लेकिन इसे रैटिफाई नहीं किया है, ठीक वैसे ही जैसे अमेरिका ने नहीं किया। CTBT संगठन ने कहा कि उसकी निगरानी प्रणाली ने उस समय चीन में परमाणु गतिविधि नहीं पकड़ी।

गलवान झड़प के 7 दिन बाद चीन ने किया था न्यूक्लियर टेस्ट, अमेरिकी दावे से हड़कंप

अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने चीन पर गंभीर आरोप लगाया है। इसने कहा कि बीजिंग ने 15 जून 2020 को गलवान घाटी में भारत से झड़प के 7 दिन बाद 22 जून को गुप्त परमाणु हथियार परीक्षण किया था। अमेरिकी विदेश विभाग के अंडर सेक्रेटरी थॉमस डिनानो ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण सम्मेलन में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि चीन ने डिकपलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें बड़े भूमिगत गड्ढे में विस्फोट कर भूकंपीय तरंगों को दबाया जाता है, ताकि वैश्विक निगरानी एजेंसियां इसे पकड़ न सकें। बताया गया कि यह टेस्ट शिनजियांग के लोप नूर इलाके में हुआ था।

2020 में लद्दाख के गलवान में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे और हाथापाई में चीन को भी भारी नुकसान हुआ था। हालांकि, चीन ने अपनी मौतों की संख्या कभी सार्वजनिक नहीं की। दोनों देशों के बीच हथियारों के इस्तेमाल पर समझौता होने के कारण यह संघर्ष बिना गोली चलाए हुआ। यह झड़प कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर में हुई, जिसने दुनिया भर का ध्यान आकर्षित किया।

गलवान झड़प का समय क्यों चुना

विशेषज्ञों का मानना है कि गलवान झड़प के दौरान दुनिया का ध्यान भटकाने का फायदा उठाकर चीन ने यह टेस्ट किया हो सकता है, क्योंकि ऐसे परीक्षणों की तैयारी में महीनों लगते हैं। चीन ने कॉम्प्रिहेंसिव न्यूक्लियर-टेस्ट-बैन ट्रीटी (CTBT) पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन इसे रैटिफाई नहीं किया है, ठीक वैसे ही जैसे अमेरिका ने नहीं किया। CTBT संगठन ने कहा कि उसकी निगरानी प्रणाली ने उस समय चीन में कोई परमाणु गतिविधि नहीं पकड़ी।

चीन की क्या है प्रतिक्रिया

चीन के राजदूत शेन जियान ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका 'चीन न्यूक्लियर थ्रेट' को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है और हथियारों की दौड़ के लिए जिम्मेदार यूएस खुद है। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब न्यू START संधि 5 फरवरी 2026 को समाप्त हो गई, जिससे वैश्विक परमाणु हथियार नियंत्रण पर चिंताएं बढ़ गई हैं। ट्रंप ने चीन को किसी नए समझौते में शामिल करने की बात कही है और पिछले साल अमेरिका की ओर से परमाणु परीक्षण फिर शुरू करने का आदेश दिया था।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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