सिडनी शूटआउट के बाद इजरायलियों के लिए 'अर्जेंट एडवाइजरी', सुरक्षा के लिए ये निर्देश
सिडनी के बोंडी बीच पर हनुका उत्सव के एक कार्यक्रम में हुई गोलीबारी की घटना के बाद इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने विदेश यात्रा करने वाले इजरायलियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं। आइये जानते है कि सुरक्षा दिशानिर्देश में क्या-क्या है…
रविवार को सिडनी के बोंडी बीच पर हनुका उत्सव के एक कार्यक्रम में हुई गोलीबारी की घटना के बाद इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने विदेश यात्रा करने वाले इजरायलियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं। निर्देश के अनुसार, सामूहिक आयोजनों से बचने की सलाह दी गई है। खासकर वहां, जहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। साथ ही यहूदी और इजरायली स्थलों के आसपास सतर्कता बढ़ाने का आह्वान किया गया है। साथ ही यात्रियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की तुरंत स्थानीय सुरक्षा बलों को सूचना देने की सलाह दी गई है।
वहीं, बेंजामिन नेतन्याहू ने बोंडी बीच गोलीबारी पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि मैं आपसे आग्रह करता हूं कि कमजोरी को कार्रवाई से और तुष्टीकरण को दृढ़ संकल्प से बदलें। इसके बजाय आपने कमजोरी को और अधिक कमजोरी से तथा तुष्टीकरण को और अधिक तुष्टीकरण से बदल दिया है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि आपकी सरकार ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी भावना के फैलाव को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। आपने अपने देश में पनप रही इस कैंसर जैसी बीमारी को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने आगे कहा कि आपने कोई कार्रवाई नहीं की, आपने बीमारी को फैलने दिया और इसका नतीजा यह हुआ कि हमने यहूदियों पर भयानक हमले देखे।
अब तक 15 लोगों की मौत
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य की राजधानी सिडनी के बोंडी बीच पर हुए इस आतंकवादी हमले में मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। इस हमले के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार बंदूक खरीदने और लाइसेंस प्राप्त करने से संबंधित कानूनों को और सख्त करने की योजना बना रही है। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड सहित विभिन्न समाचार स्रोतों के अनुसार, पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद बने राष्ट्रीय बंदूक समझौते पर फिर से चर्चा होगी और नए कानून पारित करने के लिए क्रिसमस से पहले एनएसडब्ल्यू संसद को फिर से बुलाया जा सकता है।
बंदूक कानून पर हो रही बात
बोंडी बीच पर हुए इस नरसंहार के बाद सभी राज्यों और क्षेत्रों ने बंदूक संबंधी कानूनों को मजबूत करने के लिए विकल्प विकसित करने पर सहमति व्यक्त की है। इन प्रमुख सुधारों में एक व्यक्ति के पास रखी जा सकने वाली बंदूकों की अधिकतम संख्या सीमित करना, कानूनी बंदूकों के प्रकारों को सीमित करना तथा बंदूक लाइसेंस के लिए ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता को अनिवार्य शर्त बनाना शामिल है। इससे पहले, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने सोमवार को कहा था कि स्थानीय समयानुसार अपराह्न चार बजे होने वाली राष्ट्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बंदूकों से जुड़े कानूनों को सख्त करने पर चर्चा की जाएगी।

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