‘झूठ फैला रहा ईरान’, दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले से US का इनकार

Mar 28, 2026 10:03 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड सेंटकॉम की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया, 'ईरानी शासन सोशल मीडिया पर झूठ फैला रहा है ताकि यह छिपा सके कि उनकी सैन्य क्षमताएं पूरी तरह से कुचल दी गई हैं और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।'

‘झूठ फैला रहा ईरान’, दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले से US का इनकार

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दुबई में अमेरिकी सैनिकों के 2 छिपे हुए ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले का दावा किया। आईआरजीसी के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फागरी ने कहा कि पहले ठिकाने पर 400 से ज्यादा और दूसरे पर 100 से अधिक अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। इन हमलों में 500 से अधिक अमेरिकी सैनिकों और कमांडरों के हताहत होने का दावा किया गया। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें झूठ करार दिया है।

ईरानी मीडिया ने इसे अमेरिका-इजरायल हमलों का बदला बताया और कहा कि दुबई में एम्बुलेंस घंटों तक मृतकों और घायलों को ले जाती रहीं। ईरान ने इसे अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन बताया। वहीं, अमेरिकी सेंटकॉम ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि दुबई में किसी भी अमेरिकी व्यक्ति पर कोई हमला नहीं हुआ। पोस्ट में कहा गया, 'ईरानी शासन सोशल मीडिया पर झूठ फैला रहा है ताकि यह छिपा सके कि उनकी सैन्य क्षमताएं पूरी तरह से कुचल दी गई हैं और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।' सेंटकॉम ने साफ किया कि कोई अमेरिकी सैनिक दुबई में प्रभावित नहीं हुआ और ईरान अपनी हार को छिपाने के लिए प्रोपगैंडा चला रहा है।

सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान एयर बेस निशाने पर

ईरान ने शुक्रवार को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे थे। इस हमले में कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों ने शुरुआत में 10 सैनिकों के घायल होने की बात कही थी, जिसमें दो की हालत गंभीर थी। अमेरिकी सैन्य बलों की और तैनाती मध्य पूर्व में हो रही है।

यूएस सेंट्रल कमांड ने शनिवार को बताया कि जापान में आधारित एक नौसेना पोत पर सवार लगभग 2,500 मरीन अब इस क्षेत्र में पहुंच गए हैं। यह पोत यूएसएस ट्रिपोली है, जो एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप है। इसके साथ 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के जवान भी हैं।

विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को बिना किसी ग्राउंड ट्रूप्स के हासिल कर सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को कई आकस्मिक स्थितियों के लिए तैयार रहना होगा और अमेरिकी बल राष्ट्रपति को अधिकतम विकल्प और अवसर देने के लिए उपलब्ध हैं। सऊदी बेस पर इस सप्ताह दो बार पहले भी हमला हो चुका था। एक हमले में 14 अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे।

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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