24 बच्चों समेत मारे गए 56 अफगानी, पाकिस्तान से सीमा पर संघर्ष को लेकर चौंकाने वाला आंकड़ा
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी बलों के हमलों में कई नागरिक मारे गए, जिसमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने भी हाल के दिनों में नागरिक हताहतों की पुष्टि की है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि पिछले सप्ताह से अफगानिस्तान और पड़ोसी पाकिस्तान के बीच बढ़ी हुई शत्रुता के कारण 56 अफगान नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 24 बच्चे शामिल हैं। यह संघर्ष मुख्य रूप से सीमा क्षेत्रों में हो रहा है, जहां पाकिस्तानी सेना की ओर से हवाई हमले और गोलीबारी की जा रही है, जिसका उद्देश्य अफगानिस्तान में छिपे हुए सशस्त्र उग्रवादियों को निशाना बनाना बताया जा रहा है। अफगानिस्तान के वास्तविक शासक तालिबान बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। इस हिंसा ने सीमा पर रहने वाले आम लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है और मानवीय संकट को बढ़ावा दिया है।
इस वर्ष की शुरुआत से अब तक अफगानिस्तान में कुल 69 नागरिक मारे गए हैं, जबकि 141 घायल हुए हैं। ये आंकड़े संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की ओर से सत्यापित किए गए हैं। वोल्कर तुर्क ने इस बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि यह स्थिति राजनीतिक संवाद की मांग करती है, न कि बल प्रयोग की वृद्धि की। उन्होंने पाकिस्तानी सेना और अफगान सुरक्षा बलों से तत्काल लड़ाई रोकने की अपील की है। विशेष रूप से, उन्होंने जोर दिया कि दोनों पक्षों को उन लाखों लोगों की मदद को प्राथमिकता देनी चाहिए जो मानवीय सहायता पर निर्भर हैं। सीमा संघर्ष के कारण सहायता कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे विस्थापित लोगों की संख्या बढ़ रही है।
अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले
संघर्ष की शुरुआत पिछले सप्ताह तेज हुई, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में अफगान पक्ष ने भी कार्रवाई की। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी बलों के हमलों में कई नागरिक मारे गए, जिसमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने भी हाल के दिनों में नागरिक हताहतों की पुष्टि की है। यह स्थिति अफगानिस्तान में पहले से मौजूद मानवाधिकार संकट को और जटिल बना रही है, जहां महिलाओं और लड़कियों पर प्रतिबंध पहले से ही लागू हैं। वोल्कर तुर्क ने अफगानिस्तान को मानवाधिकारों का कब्रिस्तान करार दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से तत्काल संघर्ष विराम की अपील की है ताकि मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके। इस घटना ने क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल उठाए हैं और पड़ोसी देशों में चिंता बढ़ा दी है। उम्मीद है कि राजनीतिक बातचीत से यह संकट जल्द समाप्त होगा।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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