संयुक्त राष्ट्र की जगह ले सकता है बोर्ड ऑफ पीस, खुद ट्रंप होंगे उसके बॉस; बताया खतरनाक प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक खतरनाक प्लान पेश किया है। उनका कहना है कि भविष्य में संयुक्त राष्ट्र की जगह उनकी ओर से गठित बोर्ड ऑफ पीस ही ले सकता है। यही नहीं इस बोर्ड के वह अनिश्चितकाल तक अध्यक्ष रहेंगे यानी वह अपने हिसाब से दुनिया चलाना चाहते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर दिन अपने किसी अलबेले प्रस्ताव के चलते सुर्खियों में रहते हैं। अब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को ही खत्म करने का विचार दिया है। ट्रंप का कहना है कि उनकी की ओर से गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' एक दिन संयुक्त राष्ट्र की ही जगह ले सकता है। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरा होने के मौके पर वाइट हाउस में मीडिया से यह बात कही। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र बहुत सफल नहीं रहा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में क्षमताएं हैं, लेकिन कभी भी वह इस स्थिति में नहीं रहा कि दुनिया में शांति स्थापित कराए या दो देशों के बीच विवादों को खत्म करा सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड ऑफ पीस ऐसा कर सकता है।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बीते एक साल के अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और पूरी लिस्ट ही जारी कर दी। वहीं इस बीच एक सर्वे भी आया है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी को लेकर अमेरिकी वोटर्स में असंतोष बढ़ने की बात कही गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने जिस बोर्ड ऑफ पीस के गठन का प्रस्ताव रखा है, फिलहाल उसे गाजा में पुनर्निर्माण का काम देखना है। यही नहीं मजे की बात यह है कि इस बोर्ड ऑफ पीस के चेयरपर्सन डोनाल्ड ट्रंप ही रहेंगे। इसके लिए उन्होंने कोई मियाद भी तय नहीं की है। इसी के चलते ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र को ही खत्म कराना चाहते हैं और 80 साल पुराने संगठन की बजाय नई व्यवस्था ला रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव से कई ऐसे देश भी असहज हैं, जिन्हें अमेरिका का करीबी माना जाता है। फ्रांस ने इससे जुड़ने से इनकार किया है। जानकार मानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप का यह प्रस्ताव ऐसा है, जिससे संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्था खत्म हो और नई बनने वाली संस्था अमेरिका का पॉकेट ऑर्गनाइजेशन बन जाए। यही नहीं बोर्ड ऑफ पीस के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी बोर्ड का भी ऐलान कर दिया है। इसमें उनके दामाद जेरेड कुशनर होंगे। इसके अलावा ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर को रखा गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इसके मेंबर होंगे और मिडल ईस्ट में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी इसके सदस्य रहेंगे। इस तरह बोर्ड में ट्रंप के करीबी ही विराजमान किए गए हैं।
बोर्ड में डाले सारे अपने करीबी, खुद रहेंगे चेयरमैन
बोर्ड ऑफ पीस का जो ड्राफ्ट है, उसके मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप इसके अनिश्चितकाल तक चेयरमैन रहेंगे। यह उनके अमेरिकी राष्ट्रपति रहने के बाद तक भी चल सकता है। ड्राफ्ट में लिखा गया है कि यदि डोनाल्ड ट्रंप खुद इस्तीफा दें या फिर काम करने की स्थिति में ना हों, तभी उन्हें हटाया जा सकता है। इसके लिए एग्जीक्यूटिव बोर्ड की सहमति लेनी होगी। इसके अलावा बोर्ड में यह लिखा है कि भविष्य में बनने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति इसके बोर्ड के सदस्यों में तब्दीली कर सकते हैं। इस बोर्ड से जुड़ने के लिए अमेरिका ने दुनिया के कई देशों को न्योता भेजा है। इसमें भारत, रूस और चीन जैसे देश भी शामिल हैं। रूस को बुलाना अहम है क्योंकि अमेरिका उससे अदावत मानता रहा है।

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