टीवी पर तख्तापलट की LIVE घोषणा; बांग्लादेश बनने से पहले ही सरकार ने किया खेल
रविवार सुबह बेनिन के सरकारी टेलीविजन चैनल पर कुछ सैनिकों ने घोषणा की कि उन्होंने तख्तापलट कर सरकार पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने खुद को 'सैन्य पुनर्वास समिति' का हिस्सा बताया और कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति तथा सभी सरकारी संस्थाओं को बर्खास्त कर दिया है।
पश्चिमी अफ्रीकी देश बेनिन में रविवार को बांग्लादेश की तरह ही एक सैन्य तख्तापलट होने वाला था, जिसे सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया। सेना के एक गुट ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर आकर सत्ता हथिया लेने का दावा किया था, लेकिन सरकार ने तुरंत इसका खंडन करते हुए इसे असफल बता दिया। बेनिन के गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सशस्त्र बलों ने इस विद्रोह को पूरी तरह कुचल दिया है।
दरअसल, रविवार सुबह बेनिन के सरकारी टेलीविजन चैनल पर कुछ सैनिकों ने घोषणा की कि उन्होंने तख्तापलट कर सरकार पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने खुद को 'सैन्य पुनर्वास समिति' का हिस्सा बताया और कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति तथा सभी सरकारी संस्थाओं को बर्खास्त कर दिया है। सैनिकों ने यह भी बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल पास्कल तिगरी को इस सैन्य समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
हालांकि, जैसे ही सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि तख्तापलट नाकाम हो गया है, सरकारी टेलीविजन और राष्ट्रीय रेडियो के सिग्नल तुरंत बंद कर दिए गए। कुछ देर बाद सिग्नल फिर बहाल कर दिए गए। गृह मंत्री अलासाने सेइदो अपने फेसबुक पेज पर लाइव आए और कहा कि सरकार पूरी तरह सुरक्षित है तथा तख्तापलट का प्रयास विफल कर दिया गया है।
अलासाने सेइदो ने कहा कि रविवार ( 7 दिसंबर 2025 ) की सुबह कुछ सैनिकों के छोटे समूह ने राज्य और उसकी संस्थाओं को अस्थिर करने के इरादे से विद्रोह शुरू किया था। इस स्थिति का मुकाबला करते हुए बेनिन की सशस्त्र सेनाएं और उनका नेतृत्व अपनी शपथ के प्रति वफादार रहे और गणतंत्र की रक्षा की।
वहीं, बेनिन में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और तख्तापलट की खबरों को अभी 'अपुष्ट' बता रहा है। राजधानी पोर्टो-नोवो में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि राष्ट्रपति आवास के पास स्थित 'कैंप गेजो' सैन्य अड्डे में गोलीबारी हुई।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर पश्चिम अफ्रीकी देशों का आर्थिक समुदाय (ECOWAS) और अफ्रीकीय संघ, इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। यह तख्तापलट का प्रयास ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति टैलोन कुछ ही महीनों बाद सत्ता छोड़ने वाले है। इस घटना ने बेनिन में लोकतंत्र की स्थिरता और शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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