ईरान-अमेरिका समझौते का चौधरी नहीं बन पाया, वार्ता फेल होने के बाद क्या बोला पाकिस्तान

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि उन्होंने समझौता कराने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अब भी उनका प्रयास जारी रहेगा ताकि क्षेत्रीय शांति स्थापित हो सके। डार के बयान में एक विवशता नजर आई।

ईरान-अमेरिका समझौते का चौधरी नहीं बन पाया, वार्ता फेल होने के बाद क्या बोला पाकिस्तान

इस्लामाबाद में 21 घंटे की ऐतिहासिक वार्ता के बाद भी दोनों देशों में कोई डील नहीं हो पाई। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने ऐलान कर दिया कि यह वार्ता फेल हो चुकी है और वह वापस अमेरिका के लिए निकल गए। बाद में ईरान ने भी कहा कि अमेरिका बेवजह की मांगें रख रहा था और इसलिए बातचीत का कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। वहीं इस मामले में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान को भी बड़ा झटका लगा है। उसे उम्मीद थी कि अगर अमेरिका और ईरान में डील हो जाती है तो इसका पूरा क्रेडिट उसे मिलेगा।

क्या बोला पाकिस्तान

वार्ता फेल होने के बाद रविवार को पाकिस्तान ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच सार्थक बातचीत के लिए प्रयास करता रहेगा। वह दोनों पक्षों से ही सीजफायर का अनुरोध करता है। पाकि्सतान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि 24 घंटें के दौरान कई चरणों में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उन्होंने दोनों पक्षों को जोड़ने का पूरा प्रयास किया। क्षेत्रीय शांति और हित के लिए दोनों पक्षों को सकारात्मक रुख बनाकर रखना चाहिए।

डार ने कहा, दोनों पक्षों को सीजफायर के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी चाहिए और पाकिस्तान से जो भी प्रयास संभव होगा, करेगा। उम्मीद है कि आने वाले समय में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता होगी। डार ने दोनों पक्षों को शुक्रिया कहा।

जेडी वेंस ने क्या कहा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि 21 घंटे से अधिक समय के अथक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष मतभेदों की खाई पाटने में असमर्थ रहे। वेंस ने कहा, 'हम 21 घंटे से इस पर काम कर रहे हैं और अच्छी खबर यह है कि हमारे बीच कई सार्थक चर्चाएं हुई हैं।'' उन्होंने कहा, 'बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।' अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने कहा, 'हमने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं कि हम किन बातों पर समझौता करने को तैयार हैं और किन पर नहीं।' उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने ‘हमारी शर्तों को स्वीकार न करने का विकल्प चुना है।’

जब उनसे यह बताने को कहा गया कि विवाद के प्रमुख मुद्दे क्या थे और ईरानियों ने किन बातों को ठुकराया तो उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। वेंस ने कहा, ‘मैं अधिक विस्तार से नहीं बताऊंगा क्योंकि 21 घंटे तक बंद कमरे में बातचीत करने के बाद मैं सार्वजनिक रूप से बात नहीं करना चाहता लेकिन सीधी सी बात यह है कि हमें उनकी ओर से इस बात की स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखनी चाहिए कि वे परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे और न ही ऐसे साधन हासिल करने की कोशिश करेंगे, जिनसे वे बहुत जल्दी परमाणु हथियार हासिल कर सकें।’

वेंस ने कहा, ''हमने अभी तक ऐसा नहीं देखा है, हमें उम्मीद है कि हम ऐसा देखेंगे।' ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को ''अत्यधिक मांगें और अनुचित अनुरोध' नहीं करने चाहिए। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुई इस वार्ता पर दुनिया भर की नजर थी। अमेरिका और ईरान के बीच यह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद पहली प्रत्यक्ष, उच्च स्तरीय बातचीत थी। वेंस ने कहा, 'हमने कई मुद्दों पर चर्चा की लेकिन हम ऐसी स्थिति तक नहीं पहुंच सके जहां ईरानी हमारी शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार हों।'

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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