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शहरों में रहती है दुनिया की 80 फीसदी आबादी, चौंका देगी UN की यह रिपोर्ट; कहां खड़ा है भारत ?

शहरों में रहती है दुनिया की 80 फीसदी आबादी, चौंका देगी UN की यह रिपोर्ट; कहां खड़ा है भारत ?

संक्षेप:

पिछली रिपोर्ट में, जहां रिसर्चर्स ने देशों द्वारा अपनाई गई अलग-अलग परिभाषाओं को रिपोर्ट को आधार बनाया था, वहीं इस बार पूरे विश्व के लिए एक परिभाषा अपनाई गई। कुछ दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं।

Nov 25, 2025 05:13 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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वैश्विक आबादी को लेकर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और अब दुनिया की 80 फीसदी से ज्यादा आबादी शहरों में रहती है। भारत जैसे देशों के लिए, जहां आज भी अधिकतर आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है, यह आंकड़ा चौंकाने वाला हो सकता है।

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UN की ‘वर्ल्ड अर्बनाइजेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2025’ रिपोर्ट में एक शोध का हवाला देते हुए बताया गया कि दुनिया के 81 फीसदी लोग शहरी इलाकों में रह रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 45 फीसदी लोग शहरों में रहते हैं तो वहीं 36 फीसदी लोग कस्बों में रहते हैं। इस रिपोर्ट को पैट्रिक गेरलैंड की लीडरशिप वाली एक टीम ने तैयार किया है जिसमें सारा हर्टोग, लुबोव ज़ीफ़मैन और गुआंगयु झांग जैसे बुद्धजीवी भी शामिल थे।

किसे माना गया शहरी इलाका?

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि शहरीकरण की गति की तेजी से बढ़ी है। मौजूदा गति से 2050 तक दुनिया की 83 फीसदी आबादी शहरी इलाकों में रहेगी। पिछली रिपोर्ट की तुलना में, जहां रिसर्चर्स ने देशों द्वारा अपनाई गई अलग-अलग परिभाषाओं को माना था, इस बार उन्होंने एक जैसी परिभाषा अपनाई। रिसर्चर्स ने शहरी इलाकों को या तो ऐसे शहर के रूप में बताया है जहां कम से कम 50,000 लोग रहते हैं और प्रति स्क्वायर किलोमीटर कम से कम 1,500 लोग रहते हैं या ऐसे कस्बे जहां कम से कम 5,000 लोग रहते हैं और प्रति स्क्वायर किलोमीटर कम से कम 300 लोगों रह रहे हैं।

क्या-क्या फैक्टर्स?

रिपोर्ट के मुताबिक भले ही दुनिया भर में अर्बनाइजेशन बढ़ा है, लेकिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इसके कारण अलग-अलग हैं। पूर्वी और दक्षिणी एशिया में, शहरीकरण मुख्य रूप से लोगों के पढ़ाई और नौकरी की तलाश में या बेहतर जीवनशैली की तलाश में गांव से शहर की ओर जाने से होता है। वहीं यूरोप और अमेरिका में इसका मुख्य कारण आंतरिक माइग्रेशन है।

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कहां खड़ा है भारत ?

भारत की बात करें तो भारत की ज्यादातर आबादी अब भी ग्रामीण इलाकों में रह रही है। आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, भारत की 65 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और 47 फीसदी आबादी की आजीविका का मुख्य आधार कृषि है।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari
जागृति ने 2024 में हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल सर्विसेज के साथ अपने करियर की शुरुआत की है। संत जेवियर कॉलेज रांची से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन करने बाद, 2023-24 में उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। खबरें लिखने के साथ साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और अर्थव्यवस्था की खबरों को पढ़ना पसंद है। मूल रूप से रांची, झारखंड की जागृति को खाली समय में सिनेमा देखना और सिनेमा के बारे में पढ़ना पसंद है। और पढ़ें

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