यूक्रेन ने महीनों पहले बताया था ईरान से निपटने का तरीका, US ने इग्नोर कर भारी नुकसान उठाया

Mar 11, 2026 08:14 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी अधिकारी अब निजी तौर पर स्वीकार करते हैं कि यूक्रेन के प्रस्ताव को नजरअंदाज करना 28 फरवरी को ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से वॉशिंगटन की सबसे महत्वपूर्ण सामरिक गलतियों में से एक हो सकता है।

यूक्रेन ने महीनों पहले बताया था ईरान से निपटने का तरीका, US ने इग्नोर कर भारी नुकसान उठाया

यूक्रेनी अधिकारियों ने लगभग सात महीने पहले अमेरिका को ईरानी निर्मित हमलावर ड्रोनों को रोकने के लिए डिजाइन की गई अपनी युद्ध-परीक्षित तकनीक को अपनाने के लिए मनाने का प्रयास किया था। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने उस समय इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था, जिसके कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।

रिपोर्ट के अनुसार कीव ने एक विस्तृत ब्रीफिंग प्रस्तुत की थी जिसमें दिखाया गया था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने की स्थिति में यह प्रणाली अमेरिकी सेना और सहयोगी सैनिकों की सुरक्षा कैसे कर सकती है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी ड्रोन हमलों के अनुमान से कहीं अधिक व्यापक साबित होने के बाद वाशिंगटन ने पिछले सप्ताह अपना रुख बदल दिया।

अब बात मान रहा है अमेरिका

अमेरिकी अधिकारी अब निजी तौर पर स्वीकार करते हैं कि यूक्रेन के प्रस्ताव को नजरअंदाज करना 28 फरवरी को ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से वॉशिंगटन की सबसे महत्वपूर्ण सामरिक गलतियों में से एक हो सकता है।

अमेरिका का नुकसान कर रहे ईरान के शाहेद ड्रोन

ईरान के कम लागत वाले लेकिन अत्यधिक प्रभावी शाहेद ड्रोनों का संबंध पहले ही सात अमेरिकी सैनिकों की मौत से जोड़ा जा चुका है। इन्हें रोकने में अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को लाखों डॉलर का नुकसान भी हुआ है।

अमेरिका ने मांगी मदद, यूक्रेन का दावा

हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और पश्चिम एशिया में उसके सहयोगी ईरान के शाहेद ड्रोन का मुकाबला करने में यूक्रेन की मदद चाहते हैं। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात कहा कि अमेरिका समेत कई देशों ने ईरानी ड्रोन हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन से मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के नेताओं से संभावित सहयोग के बारे में बात की है।

रख दी थी शर्त

जेलेंस्की ने कहा कि ईरान के ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में यूक्रेन की सहायता तभी प्रदान की जाएगी जब इससे यूक्रेन की अपनी सुरक्षा कमजोर न हो और इससे रूसी आक्रमण को रोकने के लिए कीव के राजनयिक प्रयासों को बल मिले। उन्होंने कहा, 'हम उन लोगों को युद्ध से बचाने में मदद करते हैं जो हमारी मदद करते हैं, यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध का न्यायपूर्ण अंत करने में मदद करते हैं।'

जेलेंस्की ने कहा कि ईरान युद्ध ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटा दिया है। उन्होंने कहा था कि इस सप्ताह रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली वार्ता के एक नए दौर को स्थगित करना पड़ा।

(वार्ता और एपी इनपुट के साथ)

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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