महिलाओं को किस करते देख भड़की पुलिस, गिरफ्तार किया; हो सकती है उम्रकैद

Feb 27, 2026 12:35 am IST
Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान

अफ्रीकी देश युगांडा में दो युवा महिलाओं द्वारा सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे को किस करने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय सरकार द्वारा पारित किए गए कानून के मुताबिक इन महिलाओं को उम्रकैद की सजा भी हो सकती है।

महिलाओं को किस करते देख भड़की पुलिस, गिरफ्तार किया; हो सकती है उम्रकैद

दुनिया में आज भी कई ऐसे देश हैं, जिनमें समलैंगिकता को जघन्य अपराध माना जाता है। युगांडा भी उन्हीं देशों में से एक है। यहां पर दो युवा महिलाओं को खुले आम प्यार का इजहार करना महंगा पड़ गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं को किस करते हुए देखा गया, चूंकि यह देश के कानून के खिलाफ है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के बयान के मुताबिक एक महिला की उम्र करीब 22 साल है, जबकि दूसरी की उम्र करीब 21 साल है। दोनों को देश के अरुआ शहर से गिरफ्तार किया गया है, जहां पर वह खुले आम किस करने और असामान्य कृत्यों में संलिप्त थीं, जिन्हें यौन प्रकृति का माना जाता है।

ये भी पढ़ें:
दुश्मनों का काल बनेगी ‘गोल्डन हेरोइजन’, इजरायल ने दिया ऑफर; ब्रह्मोस से भी तेज

आपको बता दें, युगांडा में वर्ष 2023 में एंटी होमोसेक्सुएलिटी एक्ट लागू किया गया है। देश की सरकार द्वारा लागू किए गए इस कानून का पश्चिमी देशों ने भरपूर विरोध किया था लेकिन यहां की सरकार सबसे कठोर एलजीबीटीक्यू विरोधी कानून लागू करने पर लगी हुई है। इस कानून के तहत समलैंगिक संबंध रखने वाले लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है, जबकि गंभीर मामलों में मृत्युदंड का भी प्रावधान है।

बार-बार पकड़े जाने पर मृत्युदंड का प्रावधान

समलैंगिक संबंधों को लेकर युगांड़ा का कानून सबसे ज्यादा कठोर है। 2023 में पारित किए गए कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बार-बार समलैंगिक संबंध बनाते पकड़ा जाता है, या ऐसा समलैंगिक संबंध जिससे लाइलाज बीमारी फैलती हो, नाबालिग, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति के साथ समलैंगिक संबंध बनाने पर व्यक्ति को मृत्युदंड दिया जा सकता है।

ये भी पढ़ें:
बूढ़े हो रहे राहुल; PM की इजरायल यात्रा को लेकर कांग्रेस के तंज पर BJP का पलटवार

गौरतलब है कि युगांडा पूर्वी अफ्रीका का एक रूढ़िवादी और मुख्यतः ईसाई बहुल देश है। इस कानून के कारण मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में व्यापक आक्रोश फैल गया था और संयुक्त राष्ट्र तथा पश्चिमी देशों ने इसकी निंदा की थी। विश्व बैंक ने देश को दी जाने वाली वित्तीय सहायता निलंबित कर दी थी, हालांकि 2025 के मध्य में इसे फिर से बहाल कर दिया गया। इस महीने की शुरुआत में, एक युगांडा अदालत ने “गंभीर समलैंगिकता” श्रेणी के तहत आरोपित पहले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि लंबी न्यायिक हिरासत के कारण उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो गई थी।

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

अगला लेख