UAE ने तेल उत्पादक संगठन OPEC छोड़ने का किया ऐलान, फ्यूल संकट के बीच बढ़ी हलचल

Niteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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यूएई के इस कदम से वैश्विक तेल बाजार में बड़ा झटका लगने वाला है। यह ऐलान ऐसे समय किया गया जब ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा क्षेत्र में उथल-पुथल मची हुई है। दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था अस्थिर बनी हुई है।

UAE ने तेल उत्पादक संगठन OPEC छोड़ने का किया ऐलान, फ्यूल संकट के बीच बढ़ी हलचल

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने तेल उत्पादक संगठन OPEC और उससे जुड़े उत्पादक समूहों को छोड़ने का ऐलान किया है। यूएई के इस कदम से वैश्विक तेल बाजार में बड़ा झटका लगने वाला है। यह ऐलान ऐसे समय किया गया जब ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा क्षेत्र में उथल-पुथल मची हुई है। दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था अस्थिर बनी हुई है। इस फैसले को संगठन के लिए एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि UAE प्रमुख उत्पादकों में से एक रहा है।

यूएई का यह कदम OPEC की ताकत को कमजोर कर सकता है। सऊदी अरब के साथ UAE उन कुछ देशों में शामिल था जिनके पास अतिरिक्त उत्पादन क्षमता थी, जिसके जरिए संगठन वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करता रहा। ऐसे में यूएई का बाहर होना संगठन की क्षमता पर असर डाल सकता है। फिलहाल इसका तात्कालिक असर सीमित रह सकता है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव और रुकावट पहले से ही आपूर्ति को प्रभावित कर रहे हैं। लेकिन लंबी अवधि में यह कदम OPEC को कमजोर बना सकता है।

UAE के OPEC से बाहर जाने का क्या असर

जानकारों का मानना है कि संगठन से बाहर होने के बाद यूएई के पास उत्पादन बढ़ाने की अधिक स्वतंत्रता होगी। इससे सऊदी अरब की उस भूमिका पर भी सवाल उठ सकते हैं, जिसके तहत वह बाजार को स्थिर रखने का काम करता रहा है। ताजा घटनाक्रम भविष्य में तेल बाजार को अधिक अस्थिर बना सकता है, क्योंकि आपूर्ति संतुलन बनाए रखने में OPEC की क्षमता घट सकती है।

UAE लंबे समय से OPEC का सदस्य रहा है। वह 1967 में अबू धाबी अमीरात के रूप में संगठन में शामिल हुआ था और 1971 में एक स्वतंत्र देश बनने के बाद भी सदस्यता जारी रखी। हालांकि, हाल के वर्षों में यूएई ने मध्य पूर्व में अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को अधिक सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया है, जो कई मामलों में सऊदी अरब की नीतियों से अलग रही है। जब मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में सऊदी अरब ने अपने देश को वैश्विक निवेश के लिए खोलना शुरू किया, तब दोनों देशों के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ गई। इससे दोनों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला।

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लेखक के बारे में

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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