मोरक्को में सैन्य अभ्यास के दौरान 2 अमेरिकी सैनिक लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
अमेरिकी अफ्रीका कमान ने रविवार को बताया कि उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को में चल रहे वार्षिक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘अफ्रीकन लायन’ के दौरान दक्षिण-पश्चिमी मोरक्को में दो अमेरिकी सैन्यकर्मी लापता हो गए हैं।

अमेरिकी अफ्रीका कमान (AFRICOM) ने रविवार को बताया कि उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को में चल रहे वार्षिक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘अफ्रीकन लायन’ के दौरान दक्षिण-पश्चिमी मोरक्को में दो अमेरिकी सैन्यकर्मी लापता हो गए हैं। अफ्रीकॉम के मुताबिक, अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद दोनों सैनिक शनिवार रात लापता हो गए। अमेरिका, मोरक्को और अभ्यास में शामिल अन्य देशों की सेनाओं ने तुरंत संयुक्त खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। कमान ने कहा कि घटना की जांच जारी है और तलाशी अभियान तेज गति से चल रहा है।
मोरक्को की सेना ने बताया कि यह घटना शनिवार रात करीब 9 बजे अटलांटिक महासागर के निकट टैन टैन इलाके के कैप ड्रा प्रशिक्षण क्षेत्र के आसपास हुई। यह क्षेत्र पहाड़ी है, जहां रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी मैदान हैं। कमान ने लापता सैनिकों की इकाई या शाखा की जानकारी नहीं दी है। बता दें कि अभ्यास की शुरुआत ट्यूनीशिया में हुई थी। इसमें अमेरिकी सेना की विभिन्न शाखाओं, जैसे नेशनल गार्ड, आर्मी रिजर्व, वायुसेना और मरीन कॉर्प्स के सक्रिय सदस्य शामिल हैं। कुल मिलाकर चार मेजबान देशों में 30 से अधिक देशों के 7000 से ज्यादा सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। गौरतलब है कि 'अफ्रीकन लायन' अभ्यास अप्रैल में शुरू हुआ था और ट्यूनीशिया, घाना, सेनेगल तथा मोरक्को में चल रहा है। यह मई की शुरुआत में समाप्त होने वाला है।
2004 से चल रहा है अभ्यास
अफ्रीकन लायन 2004 से आयोजित हो रहा है और अफ्रीका महाद्वीप पर अमेरिका का सबसे बड़ा वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसमें अमेरिका और उसके प्रमुख अफ्रीकी सहयोगी देशों के उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी शामिल होते हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक संकटों के लिए सैन्य तैयारियों को परिष्कृत करने का सबसे बड़ा मंच है।
2012 में भी हुई थी दुर्घटना
2012 में मोरक्को के दक्षिणी शहर अगादिर में इसी अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दो अमेरिकी मरीन मारे गए थे और दो अन्य घायल हुए थे। मोरक्को, अशांत पश्चिम अफ्रीका क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रमुख सहयोगी देश है। 2020 के बाद माली, बुर्किना फासो और नाइजर में सैन्य तख्तापलट के जरिए लोकतांत्रिक सरकारों को उखाड़ फेंका गया है। इन देशों की नई सैन्य सरकारें धीरे-धीरे ही सही, पश्चिमी शक्तियों से दूरी बना रही हैं।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


