2 मिनट में सब तबाह कर दिया… ईरान पर भड़के ट्रंप की महाविनाश वाली चेतावनी! होर्मुज में धमाके
होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, 'तुरंत परमाणु समझौता साइन करो, नहीं तो तबाही के लिए तैयार रहो।' अमेरिका-ईरान तनाव और सीजफायर की पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दोनों देशों के बीच हुई ताजा सैन्य झड़पों के बावजूद, ईरान के साथ अमेरिका का संघर्ष विराम अभी भी कायम है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते पर जल्द से जल्द अपनी सहमति जता दे वरना फिर तबाही मचेगी।
अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले और ट्रंप की प्रतिक्रिया
पत्रकारों से बातचीत करते हुए और सोशल मीडिया के माध्यम से, राष्ट्रपति ट्रंप ने तीन अमेरिकी डेस्ट्रॉयर (युद्धपोतों) पर ईरान द्वारा किए गए कथित हमलों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इसका बेहद करारा और निर्णायक जवाब दिया है।
ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा: उन्होंने (ईरान ने) आज हमसे पंगा लिया और हमने उन्हें उड़ा दिया... अगर संघर्ष विराम लागू नहीं होता, तो आपको कुछ पूछने की जरूरत ही नहीं पड़ती; आप बस ईरान से उठती हुई एक बड़ी चमक (विनाश की आग) देखते। उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे उस समझौते पर जल्दी हस्ताक्षर कर दें।
'दो मिनट में कर दिया नष्ट'
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि इस सैन्य टकराव के दौरान अमेरिकी बलों ने ईरानी मिसाइलों, ड्रोन्स और नौकाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया। उन्होंने कहा: वे महज 2 मिनट में ही उड़ा दिए गए। उनके टैंकर नष्ट कर दिए गए... हर एक मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया गया और जो लोग वहां थे, वे अब इस दुनिया में नहीं हैं। ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए इन ताजा हमलों को ट्रंप ने महज एक हल्का सा वार करार दिया और इस बात पर जोर दिया कि संघर्ष विराम अभी भी चल रहा है और यह पूरी तरह प्रभाव में है।
सैन्य कार्रवाई और ईरान का पलटवार
ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी सेना के उस बयान के बाद आई है, जिसमें सेना ने पुष्टि की थी कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरानी सैन्य सुविधाओं पर स्ट्राइक की है।
दूसरी तरफ, ईरान ने वाशिंगटन पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिका ने इस रणनीतिक जलमार्ग के पास उसके जहाजों को निशाना बनाकर और ईरानी सरजमीं पर हमले करके खुद इस संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।
परमाणु समझौते पर बातचीत
बातचीत की स्थिति स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ वार्ता प्रगति पर है। उन्होंने अपना रुख दोहराते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा- बातचीत अच्छी चल रही है... वे (ईरान) मुझसे कहीं ज्यादा इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बेताब हैं। ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान इस समझौते तक पहुंचने में विफल रहता है, तो उसे भविष्य में बहुत ज्यादा दर्द झेलना पड़ेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास गूंजे जोरदार धमाके, ईरान का दावा- 'दुश्मन' सेना के साथ हुई भीषण गोलीबारी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जोरदार धमाकों की खबर सामने आई है। ईरान ने दावा किया है कि इस इलाके में 'दुश्मन' बलों के साथ उसकी सीधे तौर पर गोलीबारी हुई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।
कहां और कैसे हुए धमाके?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार रात ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान की न्यूज एजेंसी फार्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ईरानी बलों और एक अज्ञात दुश्मन के बीच भीषण गोलीबारी हुई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान बहमन केशम पियर (बंदरगाह) को निशाना बनाया गया।
ईरान की सेना (खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर) ने दावा किया है कि अमेरिका ने क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के साथ मिलकर यह सैन्य ऑपरेशन चलाया है। ईरान का यह भी कहना है कि उसकी सेना ने हमले का तुरंत और करारा जवाब दिया, जिससे अमेरिकी नौसेना के जहाजों को "भारी नुकसान" पहुंचा है।
अमेरिका ने दी सफाई, कहा- हमने आत्मरक्षा में किया वार
इस पूरी घटना पर अमेरिकी सेना का बयान भी सामने आ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि शुरुआत ईरान की तरफ से हुई थी। सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, "अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज (Destroyers) होरमुज स्ट्रेट से ओमान की खाड़ी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ईरानी बलों ने बिना किसी उकसावे के उन पर हमला कर दिया। अमेरिकी बलों ने इस हमले को सफलतापूर्वक नाकाम किया और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।" अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी बलों ने ही बंदर अब्बास और केशम में ये स्ट्राइक की हैं।
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