
बम से भी खतरनाक है फेंटानिल; ट्रंप ने इस ड्रग्स को घोषित किया ‘सामूहिक विनाश का हथियार’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका प्रशासन फेंटानिल को आधिकारिक तौर पर सामूहिक विनाश के हथियार के रूप में वर्गीकृत कर रहा है, जो वास्तव में वही है। कोई भी बम वह काम नहीं कर सकता, जो फेंटानिल कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेंटानिल को 'सामूहिक विनाश का हथियार' करार देने वाले कार्यकारी आदेश पर सोमवार को दस्तखत कर दिए। ट्रंप ने ओवल ऑफिस (अमेरिका का राष्ट्रपति कार्यालय) में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन, व्हाइट हाउस में सीमा से जुड़े मामलों के प्रमुख टॉम होमन और अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में इस आदेश पर हस्ताक्षर किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका प्रशासन फेंटानिल को आधिकारिक तौर पर सामूहिक विनाश के हथियार के रूप में वर्गीकृत कर रहा है, जो वास्तव में वही है। कोई भी बम वह काम नहीं कर सकता, जो यह (फेंटानिल) कर रहा है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नए कार्यकारी आदेश के अमल में आने के फेंटानिल की लत के शिकार लोगों और इसकी तस्करी में शामिल अपराधियों के लिए क्या मायने होंगे तथा इससे ट्रंप प्रशासन की नीति में क्या बदलाव आएगा।
बता दें कि सामूहिक विनाश के हथियार शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर परमाणु, जैविक, रासायनिक या साइबर खतरों के लिए किया जाता है, जो किसी आबादी, बुनियादी ढांचे या पर्यावरण को भारी एवं स्थायी नुकसान पहुंचाने में सक्षम होते हैं। आदेश में गृह सुरक्षा मंत्री से उन खुफिया संसाधनों की मदद से 'फेंटानिल की तस्करी में शामिल गिरोहों की पहचान करने' को कहा गया है, जिनका इस्तेमाल सामूहिक विनाश के अन्य हथियारों का पता लगाने के लिए किया जाता रहा है।
कार्यकारी आदेश में विदेश और वित्त विभाग को फेंटानिल की तस्करी में शामिल वित्तीय संस्थानों और समूहों पर प्रतिबंध लगाने तथा उनकी संपत्तियां जब्त करने का निर्देश दिया गया है। इसमें फेंटानिल सहित विभिन्न मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मुद्दों पर पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय) और न्याय विभाग के बीच अधिक सहयोग का आह्वान भी किया गया है।
इससे पहले, ट्रंप प्रशासन ने साल की शुरुआत में कुछ मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों को आतंकवादी समूहों के रूप में नामित किया था। इस कदम से सशस्त्र बलों और घरेलू कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अधिक समन्वय का मार्ग प्रशस्त हुआ था, लेकिन कानूनी विश्लेषकों ने इसके दायरे और वैधता पर सवाल उठाए हैं।
ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन गांजे को भी एक बार फिर कम खतरनाक मादक पदार्थ के रूप में वर्गीकृत करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम इस कदम पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि बहुत से लोग ऐसा चाहते हैं। हम इस पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




