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इज्जत या अमेरिकी सपोर्ट, जेलेंस्की ने क्या चुना? ट्रंप ने दे दिया आखिरी अल्टीमेटम

इज्जत या अमेरिकी सपोर्ट, जेलेंस्की ने क्या चुना? ट्रंप ने दे दिया आखिरी अल्टीमेटम

संक्षेप:

ट्रंप योजना के सार्वजनिक होने के बाद कई यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन के समर्थन में बयान जारी किए। उनका कहना है कि यूक्रेन से बिना परामर्श किए उसके भविष्य को प्रभावित करने वाला कोई निर्णय स्वीकार नहीं किया जा सकता।

Nov 22, 2025 10:00 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कीव
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को अपनी विवादित शांति योजना स्वीकार करने के लिए एक हफ्ते से भी कम समय दिया है। ट्रंप ने कहा कि यह उनकी आखिरी चेतावनी है। ट्रंप की यह योजना व्यापक रूप से रूस के हितों के अनुरूप मानी जा रही है। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि देश- अपने इतिहास के सबसे कठिन क्षणों में से एक का सामना कर रहा है।

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ट्रंप की चेतावनी: गुरुवार आखिरी तारीख

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मैंने कई डेडलाइंस दी हैं, लेकिन अगर चीजें अच्छी चल रही हों, तो आप उन्हें बढ़ाते हैं। मगर इस बार गुरुवार आखिरी तारीख है। वाइट हाउस के अनुसार, 28-बिंदुओं वाली यह योजना लड़ाई रोकने, यूक्रेन की सैन्य क्षमता सीमित करने और यूक्रेन को नाटो में शामिल न होने की शर्तों के बदले शांति सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखती है। ये रूस की लंबे समय से चली आ रही मुख्य मांगें रही हैं।

जेलेंस्की: दबाव अपने चरम पर

शुक्रवार रात दिए वीडियो संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि यह योजना यूक्रेन को 'इज्जत खोने या एक अहम साझेदार खोने' के बीच चुनने को मजबूर कर रही है। उन्होंने कहा- हम यूक्रेन के इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं। अपनी इज्जत और आजादी खोने या अमेरिका का सपोर्ट खोने के बीच एक चुनाव करना है। हम इज्जत चुनते हैं। मेरा जवाब मेरे पद की शपथ है। मैंने फरवरी 2022 में यूक्रेन को धोखा नहीं दिया, अब भी नहीं दूंगा। जेलेंस्की ने यह भी बताया कि वे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से इस प्रस्ताव पर चर्चा कर चुके हैं और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों के साथ तेजी से समाधान तलाशने की कोशिश करेंगे।

ट्रंप: जेलेंस्की को इसे पसंद करना ही होगा

ओवल ऑफिस से मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनकी यह योजना शांति का रास्ता है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जेलेंस्की के पास इसे स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा- जेलेंस्की को इसे पसंद करना ही होगा। अगर उन्हें पसंद नहीं है, तो फिर वे लड़ाई जारी रखें।

पुतिन की प्रतिक्रिया: समझौते का आधार बन सकता है प्रस्ताव

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सुरक्षा परिषद बैठक में पुष्टि की कि उन्हें अमेरिकी प्रस्ताव मिल चुका है और इसकी शर्तें अंतिम समझौते का आधार बन सकती हैं। पुतिन ने कहा कि वे अलास्का में ट्रंप के साथ हुई बैठक के अनुरूप लचीलापन दिखाने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ दिया कि अमेरिका के साथ इस प्रस्ताव पर गंभीर चर्चा नहीं हुई है।

यूरोप में बेचैनी, समर्थन में बयान जारी

योजना के सार्वजनिक होने के बाद कई यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन के समर्थन में बयान जारी किए। उनका कहना है कि यूक्रेन से बिना परामर्श किए उसके भविष्य को प्रभावित करने वाला कोई निर्णय स्वीकार नहीं किया जा सकता। फिर भी यूरोपीय संघ इस प्रक्रिया में काफी हद तक उपेक्षित महसूस कर रहा है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि उन्होंने ट्रंप से फोन पर बातचीत की और ‘अगले कदम सलाहकार स्तर पर तय’ करने पर सहमति बनी।

शुक्रवार को मर्ज, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जेलेंस्की से संयुक्त बात की, और यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि यूरोपीय और यूक्रेनी हितों की दीर्घकालिक सुरक्षा प्राथमिकता बनी रहे। यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार को यूरोपीय नेता इस योजना पर विचार-विमर्श करेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि चर्चा का उद्देश्य होगा कि आने वाले दौर की वार्ताओं के लिए इस योजना को कैसे मजबूत किया जाए।

योजना के मुख्य बिंदु: रूस की मांगों का प्रतिबिंब

सीएनएन के अनुसार, मसौदा योजना में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं जिन्हें यूक्रेन पहले ठुकरा चुका है:

  • रूस-अधिकृत क्रीमिया, लुहान्स्क और दोनेत्स्क को वास्तविक रूप से रूसी माना जाएगा और अमेरिका भी इसे मान्यता देगा।
  • यूक्रेनी सेना को पूर्वी दोनेत्स्क के अपने नियंत्रित हिस्सों से हटना होगा।
  • यह क्षेत्र निष्क्रिय बफर जोन घोषित होगा और उसे रूसी क्षेत्र माना जाएगा।
  • यूक्रेन नाटो में शामिल नहीं होगा, और नाटो यूक्रेन में सैनिक नहीं तैनात करेगा।
  • यूक्रेनी सेना की अधिकतम सीमा 6 लाख सैनिक।
  • यूक्रेन में 100 दिनों के भीतर चुनाव।
  • रूस पर लगे प्रतिबंध हटाने और उसे दोबारा G8 में शामिल करने का रास्ता।

ये अधिकांश मांगें वे हैं जो रूस ने 2022 में इस्तांबुल वार्ताओं के दौरान रखी थीं। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि पुतिन अधिक युद्ध नहीं चाहते हैं और वे पहले से ही दंड झेल रहे हैं। फिलहाल जेलेंस्की ने दोहराया कि वे देशहित से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा- मैं तर्क दूंगा, मनाऊंगा, विकल्प दूंगा- लेकिन दुश्मन को यह अवसर नहीं दूंगा कि वह कह सके कि यूक्रेन शांति नहीं चाहता या कूटनीति के लिए तैयार नहीं है।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें

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