विदेशी स्टूडेंट्स पर ट्रंप का चाबुक, सिर्फ चार साल रह सकेंगे; भारतीयों पर पड़ेगा तगड़ा असर
अभी, F, J और I वीजा वाले लोग अपने स्टडी प्रोग्राम, एक्सचेंज प्रोग्राम या मीडिया जॉब की पूरी अवधि के लिए अमेरिका में रह सकते हैं। नए नियम के तहत, इन वीजा होल्डर्स को इसके बजाय एक फिक्स्ड पीरियड तक रहने का मौका मिलेगा।

भारत समेत विभिन्न देशों से अमेरिका जाकर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चाबुक चलने वाला है। ट्रंप सरकार ने गुरुवार को विदेशी स्टूडेंट्स, कल्चरल एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के लिए वीजा के समय की लिमिट को और कड़ा करने का फैसला किया है। नए नियमों के अनुसार, स्टूडेंट और एक्सचेंज वीजा का पीरियड चार साल से ज्यादा नहीं होगा।
इसका तगड़ा असर अमेरिका में रहने वाले तीन लाख से भी ज्यादा भारतीयों पर भी पड़ेगा। होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट का नया नियम इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए F वीजा, कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम में आने वाले विजिटर्स को अमेरिका में काम करने की इजाजत देने वाले J वीजा और मीडिया के सदस्यों के लिए I वीजा के लिए एक तय समय तय करता है। ये वीजा अभी प्रोग्राम के समय या अमेरिका में नौकरी के लिए उपलब्ध हैं। इसकी लागू होने की तारीख फेडरल रजिस्टर में पब्लिकेशन से 60 दिन है, जो कांग्रेस के रिव्यू के अधीन है।
अभी, F, J और I वीजा वाले लोग अपने स्टडी प्रोग्राम, एक्सचेंज प्रोग्राम या मीडिया जॉब की पूरी अवधि के लिए अमेरिका में रह सकते हैं। नए नियम के तहत, इन वीजा होल्डर्स को इसके बजाय एक फिक्स्ड पीरियड तक रहने का मौका मिलेगा। रिपब्लिकन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में ऑफिस संभालने के बाद बड़े पैमाने पर इमिग्रेशन पर रोक लगा दी थी। उनके प्रशासन ने लीगल इमिग्रेशन की जांच बढ़ा दी है, यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के स्टूडेंट वीजा और ग्रीन कार्ड उनके आइडियोलॉजिकल विचारों की वजह से कैंसिल कर दिए हैं और लाखों माइग्रेंट्स से लीगल स्टेटस छीन लिया है।
ऐक्शन से विदेशी स्टूडेंट्स को भी होगी दिक्कत
इस नए ऐक्शन से इंटरनेशनल स्टूडेंट्स, एक्सचेंज वर्कर्स और विदेशी जर्नलिस्ट्स के लिए नई मुश्किलें खड़ी होंगी। नए नियमों के तहत, स्टूडेंट और एक्सचेंज वीजा का पीरियड चार साल से ज्यादा नहीं होगा। जर्नलिस्ट्स के लिए वीजा, जो अभी सालों तक चल सकता है 240 दिनों तक या चीनी नागरिकों के मामले में 90 दिनों तक का होगा।
इसमें कहा गया है कि वीजा होल्डर्स एक्सटेंशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अगस्त में, चीन के विदेश मंत्रालय ने चीनी पत्रकारों के लिए प्रस्तावित नए नियम का विरोध किया था, क्योंकि यह भेदभाव वाला था। बता दें कि ये नियम ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को किसी भी समय अपने एजुकेशनल मकसद बदलने या बिना इजाजत के दूसरे स्कूल में ट्रांसफर करने से रोकते हैं। ये स्टूडेंट्स को अपनी डिग्री या ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाले समय को 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर देते हैं।
पूर्व अधिकारियों ने उठाए सवाल
ब्लूमबर्ग के अनुसार, DHS के एक पूर्व अधिकारी डग रैंड ने कहा, "ज्यादातर अमेरिकी इंटरनेशनल स्टूडेंट्स का स्वागत करने और बेवजह की रेड टेप से छुटकारा पाने की अहमियत समझते हैं। यह नियम इसका उलटा करेगा।" कैटो इंस्टीट्यूट में इमिग्रेशन स्टडीज के डायरेक्टर डेविड जे. बियर ने कहा कि नए नियमों में स्टडी और ट्रांसफर पर रोक का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने आगे कहा, "इंटरनेशनल स्टूडेंट्स, जिनमें से कई ने अमेरिका में कई साल बिताए होंगे, के पास अब उन्हें स्पॉन्सर करने के लिए एम्प्लॉयर ढूंढने के लिए सिर्फ 30 दिन होंगे, नहीं तो उन्हें तुरंत गैर-कानूनी इमिग्रेंट बना दिया जाएगा। क्या इन लोगों को यह समझ नहीं है कि जिंदगी कैसे चलती है?"
लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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