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ईरान की तरफ बढ़ रही बहुत बड़ी सेना, ट्रंप बोले- ऐसा हश्र करेंगे कि परमाणु वाला दर्द भूल जाओगे

ईरान की तरफ बढ़ रही बहुत बड़ी सेना, ट्रंप बोले- ऐसा हश्र करेंगे कि परमाणु वाला दर्द भूल जाओगे

संक्षेप:

ईरान में आर्थिक तंगी को लेकर दिसंबर के अंत में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी' (HRANA) का कहना है कि उन्होंने अशांति से जुड़ी 4,500 से अधिक मौतों की पुष्टि की है।

Jan 23, 2026 07:15 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, दावोस
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि एक बड़ी सेना ईरान की ओर बढ़ रही है। हालांकि, अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि महीनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद भी सैन्य कार्रवाई से बचा जा सकता है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी चरम पर है। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने क्षेत्र में एक विशाल बेड़ा तैनात किया है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका इस्तेमाल करने की नौबत नहीं आएगी।

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सैन्य तैनाती पर ट्रंप का बयान

ट्रंप ने कहा- हमारा एक बड़ा बेड़ा उस दिशा में जा रहा है और हम देखेंगे कि क्या होता है। हमारे पास एक बड़ी ताकत ईरान की ओर बढ़ रही है। मैं चाहूंगा कि कुछ भी (बुरा) न हो, लेकिन हम उन पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने हालिया अशांति के दौरान प्रदर्शनकारियों की हत्या को लेकर ईरान के खिलाफ बार-बार सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। हालांकि, हाल के दिनों में जैसे-जैसे प्रदर्शन कम हुए हैं, उनके तेवर थोड़े नरम पड़े हैं।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (विमानवाहक पोत समूह) और अन्य सैन्य संपत्तियों के आने वाले दिनों में मध्य पूर्व पहुंचने की उम्मीद है। इसमें USS अब्राहम लिंकन, कई विध्वंसक जहाज और लड़ाकू विमान शामिल हैं, जो पिछले हफ्ते एशिया-प्रशांत क्षेत्र से रवाना हुए थे।

फांसियां रुकवाने का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह दावा दोहराया कि वाशिंगटन के दबाव के कारण ईरानी अधिकारियों को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना रद्द करनी पड़ी। ट्रंप ने कहा- मैंने गुरुवार को 837 फांसियां रुकवाईं। वे मारे गए होते। उनमें से हर एक को लटका दिया गया होता। उन्होंने कथित फांसी की सजा को हजार साल पुरानी सोच जैसा बताया।

ईरान को चेतावनी

ट्रंप ने कहा कि फांसी का सामना करने वाले ज्यादातर युवा पुरुष थे। उन्होंने दावा किया कि गंभीर परिणामों की चेतावनी मिलने के बाद तेहरान पीछे हट गया। ट्रंप ने कहा- मैंने कहा कि अगर तुमने उन लोगों को फांसी दी, तो तुम्हें इतनी जोर से मारा जाएगा जितना पहले कभी नहीं मारा गया। यह हमारे द्वारा तुम्हारे परमाणु कार्यक्रम के साथ किए गए सलूक को भी छोटा साबित कर देगा। ट्रंप के अनुसार, फांसी दिए जाने से ठीक एक घंटे पहले इसे रद्द कर दिया गया। उन्होंने इसे स्थगित नहीं किया, बल्कि रद्द कर दिया। तो यह एक अच्छा संकेत था।

परमाणु कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन के आंकड़े

बुधवार को दावोस में एक साक्षात्कार में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू किया तो वाशिंगटन जवाब देगा। उन्होंने कहा- वे परमाणु (कार्यक्रम) नहीं कर सकते। अगर वे ऐसा करते हैं, तो वही परिणाम (प्रतिबंध/कार्रवाई) फिर से सामने आएंगे। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) ने मासिक निरीक्षण के दिशानिर्देशों के बावजूद, कम से कम सात महीनों से ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार का सत्यापन नहीं किया है।

ईरान में आर्थिक तंगी को लेकर दिसंबर के अंत में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी' (HRANA) का कहना है कि उन्होंने अशांति से जुड़ी 4,500 से अधिक मौतों की पुष्टि की है। ईरानी अधिकारियों ने भी 5,000 से अधिक मौतों की बात स्वीकार की है, जिसमें सैकड़ों सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें

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