ट्रंप का नया दांव, नागरिकता शुल्क में 75% बढ़ोतरी का प्रस्ताव, भारतीयों पर क्या असर?

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अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने नागरिकता प्राप्त करने की लागत में भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के तहत नेचुरलाइजेशन के लिए आवेदन शुल्क में लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी

Donald Trump

अमेरिका में नागरिकता हासिल करना अब काफी महंगा हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी नागरिकता के आवेदन शुल्क में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। शुल्क में करीब 75 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ही कम आय वाले आवेदकों को दी जाने वाली शुल्क माफी और छूट को भी पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के इस कदम से विशेष रूप से भारतीय मूल के ग्रीन कार्ड धारकों पर असर पड़ने की आशंका है।

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) द्वारा जारी प्रस्तावित नियम के अनुसार, फॉर्म N-400 (नागरिकता आवेदन) की फीस कागजी आवेदन के लिए 760 डॉलर से बढ़कर 1330 डॉलर और ऑनलाइन आवेदन के लिए 710 डॉलर से बढ़कर 1280 डॉलर हो जाएगी। साथ ही, नागरिकता अस्वीकृति की समीक्षा के लिए दायर किए जाने वाले फॉर्म N-336 की फीस भी 830 डॉलर से बढ़कर 1475 डॉलर करने का प्रस्ताव है, जो करीब 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

शुल्क माफी पर लगा सकता है ताला

प्रस्ताव के तहत उन आवेदकों के लिए शुल्क माफी की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी जिनकी पारिवारिक आय संघीय गरीबी रेखा के 400 प्रतिशत या उससे कम है। वर्तमान में उपलब्ध कम शुल्क विकल्प भी खत्म हो जाएंगे। हालांकि, अमेरिकी सेना के सदस्यों को यह छूट अभी भी मिलती रहेगी। अमेरिकी अधिकारियों ने प्रस्ताव में स्पष्ट कहा है कि अब DHS का मानना है कि अन्य आव्रजन सेवाओं की कीमत पर नागरिकता आवेदनों पर कम शुल्क नहीं रखा जाना चाहिए।

कब लागू होगा नया नियम?

अमेरिकी सुरक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित नए नियम अभी लागू नहीं हुआ है। विभाग ने इसे औपचारिक रूप से प्रस्तावित नियमके तौर पर प्रकाशित किया है। अब इस प्रस्ताव पर 60 दिनों तक सार्वजनिक टिप्पणियों का समय दिया जाएगा। इस दौरान आम नागरिक, संगठन अपनी राय, सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। अंतिम नियम तभी लागू होगा, जब सभी प्राप्त टिप्पणियों पर विचार-विमर्श के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रस्तावित नियम के लागू होने तक मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। आय, आर्थिक कठिनाई या सार्वजनिक सहायता पर आधारित शुल्क छूट और 380 डॉलर वाली कम फीस वाली सुविधा फिलहाल यथावत रहेगी।

भारतीयों पर संभावित प्रभाव

भारत अमेरिका में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्राप्त करने वालों में सबसे बड़े समूहों में शामिल है। खासकर एच-1बी वीजा के जरिए आए पेशेवर, मध्यम आय वाले परिवार और सेवानिवृत्त लोग इस प्रस्ताव से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। जो लोग वर्तमान में शुल्क माफी या कम फीस का लाभ ले रहे थे, उन्हें अब पूर्ण शुल्क चुकाना पड़ सकता है, जिससे नागरिकता प्रक्रिया महंगी हो जाएगी।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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