नौकरी गई, तुरंत निकलो; ट्रंप प्रशासन का प्रवासियों के लिए नया फरमान, भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर
अमेरिका की तरफ से वीजा धारकों के लिए एक नए नियम का प्रस्ताव जारी किया है। इसके तहत नौकरी जाने की स्थिति में प्रवासियों को तुरंत ही देश छोड़ना होगा। अभी ऐसी स्थिति में 2 महीने का समय दिया जाता था।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने प्रवासियों के लिए एक नया फरमान जारी किया है। इसके तहत अब अगर किसी H-1B वीजा धारक कर्मचारी या अन्य अस्थायी वीजा धारक की नौकरी जाती है, तो उसे तुरंत ही अमेरिका छोड़ना होगा। अभी तक नौकरी जाने की स्थिति में किसी भी वीजा धारक को 60 दिनों का ग्रेस पीरियड दिया जाता था। इस समय का उपयोग करके वह नई नौकरी या फिर नया स्पॉन्सर खोज सकता था। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने अब इसे खत्म कर दिया है।
गुरुवार को अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि एच-1बी और कुछ अन्य वीजा धारकों को अब नौकरी जाने पर तुरंत ही देश छोड़ना होगा। गौरतलब है ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीय लोगों और अमेरिकी टेक कंपनियों पर पड़ने की संभावना है। क्योंकि इस वीजा को उपयोग करने की लिस्ट में भारतीय ही सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा टेक कंपनियां इन वीजा धारकों के ऊपर ही बड़ी संख्या में निर्भर हैं। ऐसे में इस नियम के चलते इनकी परेशानी भी बढ़ सकती है।
प्रवासियों को लेकर लगातार सख्त हो रहे ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जनवरी 2025 से सत्ता में आने के बाद लगातार प्रवासियों को लेकर सख्ती बरत रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने अवैध प्रवासियों को जहाजों में भर-भरकर उनके देश भेजने का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने पूरे अमेरिका में ऐसे लोगों को ढूंढने का काम शुरू कर दिया था। अब वीजा धारकों की नौकरी जाने पर उन्हें अमेरिका से निकालने का यह फैसला उसी फेहरिस्त का नया कदम है।
इस फैसले से अमेरिकियों के लिए बढ़ेंगी नौकरियां- होमलैंड सिक्योरिटी
इस नए फैसले को लेकर होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने अपना असली मकसद भी जाहिर कर दिया है। डिपार्टमेंट की तरफ से कहा गया कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि इस फैसले के बाद कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लेकिन उन्हें इस बात का भरोसा भी है कि इससे यह नौकरियां अमेरिकी लोगों के हिस्से में आएंगी। बकौल डीएचएस, उनका मानना है कि अमेरिकी कंपनियां भी इस बात को समझेगीं और यह नौकरियां अमेरिकी कर्मचारियों को ही देंगी।
देश छोड़ने के बाद क्या होगा?
अमेरिका होमलैंड सिक्योरिटी के आदेश के मुताबिक, नौकरी जाने के बाद प्रवासियों को देश छोड़ना होगा। लेकिन संभावित रूप से वह एक बार फिर से इस प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि यह तब होगा, जब उनको नौकरी देने वाली कंपनी या संस्था उनके लिए आवेदन करती है।
2017 में हुई थी 60 दिन के ग्रेस पीरियड की शुरुआत
1990 से अमेरिका ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम की शुरूआत की थी। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से भारत और चीन जैसे देशों से उन प्रतिभावान युवाओं की तलाश करना था, जो अमेरिका की आर्थिक उन्नति में अपना योगदान दे सकते थे। लेकिन समय के साथ-साथ इन लोगों की तुलना अमेरिकी लोगों से होने लगी, जिसकी वजह से यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया। ट्रंप इन्हीं प्रवासियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए नजर आते हैं।
वर्ष 2017 में इन वीजा कार्यक्रम को और व्यवस्थित करते हुए ग्रेस पीरियड की शुरूआत की गई थी। इसके तहत अगर किसी कर्मचारी की नौकरी जाती है, तो उसे 60 दिन का समय दिया जाता है। इसमें वह अमेरिका छोड़ने से पहले बाकी काम निपटा सकता है। इसमें बच्चों के स्कूल बदलना या घर बेचना शामिल है।
गौरतलब है अभी यह नया नियम लागू नहीं हुआ है। इसे कानून के रूप में लागू करने से पहले दो महीने तक इस पर लोगों की राय ली जाएगी। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा।


