
PAK के हमदर्द मो. यूनुस की विदाई का वक्त आ गया... बांग्लादेश में चुनाव की तारीख का ऐलान, CEC ने की खास अपील
बांग्लादेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की कि देश में 13वां संसदीय चुनाव अगले साल 12 फरवरी को होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मतदान बृहस्पतिवार, 12 फरवरी, 2026 को होगा।
पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में संसदीय चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है। इसके साथ ही पाकिस्तान के हमदर्द और अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस की विदाई का वक्त भी करीब आ गया है। बांग्लादेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की कि देश में 13वां संसदीय चुनाव अगले साल 12 फरवरी को होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘‘मतदान बृहस्पतिवार, 12 फरवरी, 2026 को होगा।’’
टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए CEC नसीरुद्दीन ने यह घोषणा की और कहा कि बांग्लादेश पूरी दुनिया को यह दिखाने के लिए तैयार है कि वह "स्वतंत्र और लोकतांत्रिक चुनाव" करा सकता है। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद यह पहला चुनाव होगा।
CEC ने लोगों से की खास अपील
उन्होंने नागरिकों से फेक न्यूज़ और अफवाहों से सावधान रहने की अपील की और इसे चुनावों से पहले एक बड़ी चुनौती बताया। CEC ने पुष्टि की कि आम चुनाव और जुलाई चार्टर रेफरेंडम के लिए वोटिंग 12 फरवरी को एक साथ होगी। कुल 300 संसदीय सीटों पर चुनाव होंगे। उन्होंने का कि विदेश में रहने वाले बांग्लादेशी कल से 25 दिसंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
चुनाव का शिड्यूल इस तरह है
बांग्लादेश चुनाव आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, इस चुनाव में नामांकन की आखिरी तारीख 29 दिसंबर, 2025 है। नामांकन पत्रों की की जांच 30 दिसंबर, 2025 से 4 जनवरी, 2026 तक की जाएगी। रिटर्निंग अधिकारियों के फैसलों के खिलाफ अपील दायर करने की आखिरी तारीख 11 जनवरी, 2026 है। चुनाव आयोग इन अपीलों पर 12 जनवरी, 2026 और 18 जनवरी, 2026 के बीच फैसला करेगा। उम्मीदवारों के पास अपना नॉमिनेशन वापस लेने के लिए 20 जनवरी, 2026 तक का समय होगा।
पिछले साल छात्र आंदोलन के बाद PM हसीना को भागना पड़ा था
बता दें कि छात्रों के विद्रोह के बाद पिछले साल 5 अगस्त को अवामी लीग सरकार गिर गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना देश छोड़कर भाग गई थीं। इसके बाद 8 अगस्त को, प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में वहां अंतरिम सरकार बनी। अंतरिम सरकार के सत्ता संभालने के सोलह महीने बाद, चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय चुनाव की घोषणा की है। इन 16 महीनों में मुहम्मद यूनुस का झुकाव पाकिस्तान की तरफ रहा है। वह पाक के हमदर्द बनकर उभरे हैं लेकिन इन चुनावों के नतीजे आने के बाद बांग्वादेश में नई सरकार का गठन होगा और यूनुस को पद छोड़ना पड़ेगा।

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