जिस रूसी टैंकर को US ने किया जब्त उसके क्रू में 3 भारतीय, सबसे अधिक रूस के 'दुश्मन'

Jan 08, 2026 11:08 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी तटरक्षक बल और विशेष बलों ने 7 जनवरी 2026 को रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिनेरा (बेला-1) को जब्त कर लिया। रूस टुडे के अनुसार टैंकर का चालक दल कुल 28 सदस्यीय था, जिसमें तीन भारतीय, दो रूसी, छह जॉर्जियाई और 17 यूक्रेनी नागरिक शामिल थे।

जिस रूसी टैंकर को US ने किया जब्त उसके क्रू में 3 भारतीय, सबसे अधिक रूस के 'दुश्मन'

उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी तटरक्षक बल और विशेष बलों ने 7 जनवरी 2026 को रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिनेरा (बेला-1) को जब्त कर लिया। रूस टुडे के अनुसार टैंकर का चालक दल कुल 28 सदस्यीय था, जिसमें तीन भारतीय, दो रूसी, छह जॉर्जियाई और 17 यूक्रेनी नागरिक शामिल थे। वहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का घोर उल्लंघन बताते हुए अमेरिका की कड़ी निंदा की है और इसे 'नव-औपनिवेशवादी' नीति करार दिया। मॉस्को ने चालक दल के साथ मानवीय व्यवहार और रूसी नागरिकों की शीघ्र स्वदेश वापसी की मांग की है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हम वाशिंगटन से अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन के मूलभूत मानदंडों और सिद्धांतों का अनुपालन फिर से शुरू करने तथा मैरिनेरा टैंकर और खुले समुद्र में कानून का पालन करने वाली गतिविधियों में लगे अन्य जहाजों के खिलाफ अपनी अवैध कार्रवाइयों को तुरंत बंद करने का आह्वान करते हैं। मॉस्को ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय 'प्रतिबंध कानून' के अमेरिकी संदर्भों को निराधार मानता है। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि कुछ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा यह कहना कि मैरिनेरा जहाज पर कब्जा करना वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर वाशिंगटन का असीमित नियंत्रण स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, अत्यंत निंदनीय है। हम इस तरह की नव-औपनिवेशिक प्रवृत्तियों को पूरी तरह से खारिज करते हैं।

बयान में आगे कहा गया कि अमेरिका के साथ-साथ अन्य पश्चिमी देशों द्वारा एकतरफा प्रतिबंधात्मक उपाय अवैध हैं और अधिकार क्षेत्र स्थापित करने के प्रयासों को, और उससे भी बढ़कर, खुले समुद्र में जहाजों को जब्त करने के प्रयासों को उचित नहीं ठहरा सकते। वहीं, अपने चालक दल के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार की मांग करते हुए बयान में कहा गया कि हम अपनी इस मांग को दोहराते हैं कि अमेरिका टैंकर के चालक दल में शामिल रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करे, उनके अधिकारों और हितों का सख्ती से पालन करे तथा उनकी शीघ्र स्वदेश वापसी में कोई बाधा न डाले।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मैरिनेरा, जिसे 24 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय कानून और रूसी विधि के अनुसार रूसी ध्वज के तहत यात्रा करने की अस्थायी अनुमति मिली थी, उत्तरी अटलांटिक में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से शांतिपूर्वक गुजर रही थी और रूस के बंदरगाहों में से एक की ओर जा रही थी। अमेरिकी सरकार ने दावा किया कि उसे रूसी विदेश मंत्रालय सहित अन्य स्रोतों से जहाज के रूसी मूल और उसके नागरिक दर्जे के बारे में बार-बार विश्वसनीय जानकारी प्रदान की गई थी।

मंत्रालय ने कहा कि रूस ने इन कार्रवाइयों के लिए सहमति नहीं दी। इसके विपरीत, उसने पिछले कई हफ्तों से अमेरिकी तटरक्षक बल के एक जहाज द्वारा मैरिनेरा का पीछा किए जाने के संबंध में अमेरिकी सरकार के समक्ष आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है, और इन गतिविधियों को तत्काल बंद करने तथा रूसी जहाज के कप्तान से की गई गैरकानूनी मांगों को वापस लेने पर जोर दिया है। इन परिस्थितियों में, अमेरिकी सैन्य कर्मियों द्वारा खुले समुद्र में एक नागरिक पोत पर चढ़कर उसे प्रभावी रूप से अपने कब्जे में लेना और साथ ही उसके चालक दल को बंदी बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और नौवहन की स्वतंत्रता के बुनियादी सिद्धांतों तथा मानदंडों का घोर उल्लंघन ही माना जा सकता है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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