नाविकों की मौत, जहाजों पर खतरा हमें स्वीकार्य नहीं; होर्मुज के हालात पर भारत की दो टूक

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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भारत की तरफ से एम्बेसडर हरीश पी ने गुरुवार को कहा, 'भारत के लिए अपनी ऊर्जा और अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिहाज से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला व्यापार बहुत जरूरी है। भारत इस बात पर गहरा दुख जताता है कि इस संघर्ष में व्यापारिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया है।'

नाविकों की मौत, जहाजों पर खतरा हमें स्वीकार्य नहीं; होर्मुज के हालात पर भारत की दो टूक

भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर माल लाने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। साथ ही UN यानी संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि होर्मुज में आम नागरिकों की हत्या और माल लाने वाले जहाजों पर खतरे की स्थिति बने रहना स्वीकार्य नहीं है। भारतीय प्रतिनिधि ने अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और मिडिल ईस्ट में तनाव करने की अपील की है।

भारत की तरफ से एम्बेसडर हरीश पी ने गुरुवार को कहा, 'भारत के लिए अपनी ऊर्जा और अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिहाज से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला व्यापार बहुत जरूरी है। भारत इस बात पर गहरा दुख जताता है कि इस संघर्ष में व्यापारिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया है।' उन्होंने कहा, 'इस युद्ध के दौरान जहाजों पर काम करने वाले कई भारतीय नाविकों को अपनी कीमती जान गंवानी पड़ी है।'

हमलों की निंदा की

उन्होंने कहा, 'हम इस बात को फिर से दोहराते हैं कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, बेगुनाह नाविकों की जान खतरे में डालना या होर्मुज में जहाजों के आने-जाने और व्यापार में रुकावट पैदा करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।' साथ ही कहा, 'इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। हम पुरजोर मांग करते हैं कि होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित और बेरोकटोक आवाजाही और वैश्विक व्यापार को जल्द से जल्द फिर से शुरू किया जाए।'

शांति की अपील

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, '28 फरवरी 2026 को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद से ही भारत ने इस पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने सभी देशों से संयम बरतने, तनाव न बढ़ाने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।' उन्होंने बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, 'हमने यह भी मांग की है कि सभी देशों की संप्रभुता और उनकी सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।'

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठी मांग

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से कहा है कि होर्मुज को खोलने की मांग अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ से की गई है। वांग ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि एक ओर जहां ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और एक तटीय राज्य के रूप में उसके वैध अधिकारों के सम्मान की आवश्यकता है। वहीं दूसरी ओर इस जलमार्ग से नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा की गारंटी भी दी जानी चाहिए।

अमेरिका ने लगाई है नाकेबंदी

पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज पर नाकेबंदी करने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद कई जहाजों को वापस लौटना पड़ा था। वहीं, ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका नियंत्रण है।

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लेखक के बारे में

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निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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