Hindi Newsविदेश न्यूज़This is a war against Allah Iran warns protesters of death penalty 72 killed so far
यह अल्लाह के खिलाफ युद्ध, ईरान में प्रदर्शनकारियों को सजा-ए-मौत की चेतावनी; अब तक 72 की मौत

यह अल्लाह के खिलाफ युद्ध, ईरान में प्रदर्शनकारियों को सजा-ए-मौत की चेतावनी; अब तक 72 की मौत

संक्षेप:

ईरान ने बाहरी दुनिया से संपर्क काटने के लिए इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन लाइनों को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बावजूद, मानवाधिकार संस्थाओं से मिली जानकारी के अनुसार हालात बेहद चिंताजनक हैं।

Jan 11, 2026 07:52 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

ईरान में आर्थिक तंगी और दमनकारी नीतियों के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके हैं। इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को ईरान के अटॉर्नी जनरल ने प्रदर्शनकारियों को 'अल्लाह का शत्रु' घोषित करते हुए उन्हें फांसी की सजा देने की धमकी दी है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवहेदी आजाद ने सरकारी टेलीविजन पर बयान देते हुए कहा कि जो कोई भी इन प्रदर्शनों में शामिल है या दंगाइयों की मदद कर रहा है, उसे 'मोहारेबेह' (अल्लाह के खिलाफ युद्ध) का दोषी माना जाएगा। ईरानी कानून के तहत इस अपराध की सजा सिर्फ मौत है।

उन्होंने निर्देश दिए कि बिना किसी देरी और दया के इन लोगों के खिलाफ मुकदमे चलाए जाएं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी संकेत दिए हैं कि देशव्यापी स्तर पर अब बड़ा क्रैकडाउन शुरू किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें:शहरों पर कब्जा कर लो, ईरान के क्राउन प्रिंस ने कर दिया घर वापसी का ऐलान
ये भी पढ़ें:तैयार हो जाइए, ईरान में भड़की आग के बीच रजा पहलवी ने डोनाल्ड ट्रंप से बड़ी अपील

ईरान ने बाहरी दुनिया से संपर्क काटने के लिए इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन लाइनों को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बावजूद, मानवाधिकार संस्थाओं से मिली जानकारी के अनुसार हालात बेहद चिंताजनक हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के अनुसार, अब तक कम से कम 72 लोग मारे गए हैं। प्रदर्शनों के दौरान 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ईरानी मीडिया के अनुसार, गचसरन में बासिज बल के 3 सदस्य मारे गए हैं और हमदान, बंदर अब्बास, गिलान और मशहद में भी सुरक्षा अधिकारियों की मौत की खबरें हैं।

ट्रंप सरकार की ईरान को सख्त चेतावनी

अमेरिका ने ईरान के प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, "अमेरिका ईरान के बहादुर लोगों के साथ खड़ा है।" वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खेल न खेलें। जब वे कुछ कहते हैं, तो उसका मतलब होता है।

क्या है इस गुस्से की वजह?

प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था के कारण हुई थी। ईरानी मुद्रा रियाल अब तक के सबसे निचले स्तर 1.4 मिलियन (14 लाख) प्रति डॉलर पर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम की वजह से आम जनता दाने-दाने को मोहताज है। अब यह आर्थिक गुस्सा सीधे तौर पर देश की धार्मिक सत्ता को चुनौती देने वाले राजनीतिक विद्रोह में बदल गया है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha
कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रैजुएट हिमांशु शेखर झा करीब 9 वर्षों से बतौर डिजिटल मीडिया पत्रकार अपनी सेवा दे रहे हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय राजनीति पर अच्छी पकड़ है। दिसंबर 2019 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। इससे पहले दैनिक भास्कर, न्यूज-18 और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में भी काम कर चुके हैं। हिमांशु बिहार के दरभंगा जिला के निवासी हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।