
वे हमको मुफ्त की सलाह देते हैं, खुद की ओर नहीं देखते; जयशंकर उड़ाईं अंतरराष्ट्रीय पाखंड की धज्जियां
विदेश मंत्री ने वैश्विक कूटनीति पर भी टिप्पणी की। लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में देश केवल वही करते हैं जो उनके हित में हो। लेकिन वे हमें मुफ्त की सलाह देना चाहते हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाने की घटना के बाद भारत ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। जयशंकर ने कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है तथा सभी पक्षों से संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पाखंड की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि कुछ देश दूसरों को मुफ्त की सलाह देते हैं लेकिन अपने यहां हो रही हिंसा को नहीं देखते।
जयशंकर ने लक्जमबर्ग में अपने समकक्ष जेवियर बेटेल से मुलाकात के बाद कहा- हां, हम वेनेजुएला में घटनाक्रमों को लेकर चिंतित हैं। यह एक ऐसा देश है जिसके साथ हमारे लंबे समय से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे लोगों के हित में एक स्थिति तक पहुंचें। आखिरकार, हमारी मुख्य चिंता वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई है। हम चाहते हैं कि इस देश के लोग, जिसके साथ हमारे वर्षों से मजबूत संबंध हैं, इन घटनाओं से अच्छी स्थिति में निकलें।
जयशंकर का अंतरराष्ट्रीय व्यवहार पर तंज
विदेश मंत्री ने वैश्विक कूटनीति पर भी टिप्पणी की। लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में देश केवल वही करते हैं जो उनके हित में हो। लेकिन वे हमें मुफ्त की सलाह देना चाहते हैं। विदेश मंत्री ने कहा- 'आज के जमाने में, देश वही काम करेंगे जिससे उन्हें सीधा फायदा हो। वे आपको मुफ्त सलाह देंगे। अगर कुछ होता है, तो वे कहेंगे, कृपया ऐसा न करें। अगर तनाव होता है तो हमें चिंता होती है। कभी-कभी आप लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं, जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। अब, अगर आप उनसे पूछें, ओह सच में, आपको चिंता है, तो आप अपने ही इलाके को क्यों नहीं देखते और खुद से क्यों नहीं पूछते हैं कि वहां हिंसा का लेवल क्या है, कितना रिस्क लिया गया है, आप जो कर रहे हैं उससे हम बाकी लोगों को कितनी चिंता है? लेकिन दुनिया का नेचर ही ऐसा है। लोग जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं। हमें इसे उसी भावना से स्वीकार करना होगा।'
यह बयान पिछले वर्ष भारत द्वारा पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की याद दिलाता है, जब कई देशों ने भारत को तनाव न बढ़ाने की सलाह दी थी। जयशंकर का यह बयान अंतरराष्ट्रीय पाखंड पर सीधी चोट है।
भारत-वेनेजुएला संबंध
भारत और वेनेजुएला के बीच दशकों से मजबूत संबंध रहे हैं, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में। वेनेजुएला विश्व के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश है और भारत लंबे समय से वहां से कच्चा तेल आयात करता रहा है। हालांकि प्रतिबंधों के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है, लेकिन दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक संपर्क बरकरार हैं। विदेश मंत्रालय ने पहले ही वेनेजुएला में भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की है और उनकी सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है।

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